Uttarkashi Cloudburst Explainer: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आज बादल फटने के बाद धराली गांव और हर्षिल घाटी में भयंकर तबाही मची। भारी बारिश के चलते करीब 12600 फीट की ऊंचाई पर बादल फटे और फिर करीब 43 किलोमीटर की स्पीड से पानी, मलबा और साथ में बड़े-बड़े पत्थर आए, जिन्होंने 30 सेकंड में धराली गांव को डूबा दिया। जिस गांव में घर, होटल और रेस्टोरेंट थे, वहां आज जलप्रलय और मलबे की नदी बह रही है। मानसून के बादल आफत बनकर ऐसे बरसे कि 'मौत' का खौफनाक मंजर दिखा गए।
नदी के पास बनी अस्थायी झील
उत्तरकाशी में आज धराली गांव और सुखी टॉप के पास बादल फटे, जिससे हर्षिल घाटी में तबाही मची। खीरगंगा नाले में मलबे से उफान आया और मलबे ने भागीरथी नदी का प्रवाह रोक दिया। इससे नदी के पास एक अस्थायी झील बन रही है। हर्षिल घाटी से 18 किलोमीटर आगे गंगोत्री धाम है। हर्षिल गांव में ही भारतीय सेना का कैंप भी है। 34 सेकंड में बादल फटे, मलबा आया और धराली गांव तहस-नहस हो गया। खीरगंगा नाला और धराली देहरादून से 218 किलोमीटर दूर है। खीरगंगा नाला 12500 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहता है।
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13.5 एकड़ एरिया में फैला मलबा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखें तो पहाड़ से आए मलबे ने सीधी दिशा में न जाकर अपना प्रवाह मोड़ा और रास्ते में जो आया, उसे बहा ले गया। खीरगंगा नाले का पानी भागीरथी नदी में गिरता है। पहाड़ से आया मलबा 13.5 एकड़ एरिया को डुबोते हुए भागीरथी नदी में गिरा। रास्ते में कटाव के कारण पानी और मलबे ने अपना रुख बदला। भागीरथी नदी के किनारे हर्षिल हेलीपैड, आर्मी बेस कैंप, धराली गांव, कल्प केदार मंदिर इसके किनारे बने हैं, जिनमें से आर्मी बेस कैंप, हर्षिल हेलीपैड और धराली गांव तबाह हो गया।
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4 लोगों के शव हो चुके बरामद
बता दें कि प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए लोगों को बचाने के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) आगे आए। करीब 15 लोगों को रेस्क्यू किया गया। 4 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। एक शख्स किस्मत से मलबे से निकलकर जिंदा बच गया। 14 राजपूताना राइफल्स की रेजिमेंट के जवानों समेत हेलीपैड पर तैनात करीब 200 लोग मलबे में दबे हैं। धराली गांव के 100 से ज्यादा लोग मलबे में दबे हैं, जिनके जिंदा बचने की उम्मीद नहीं है।