Uttar Pradesh Meerut student thrashed urinated by man: मध्य प्रदेश के सीधी के पेशाबकांड के बाद अब यूपी के मेरठ से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां पर एक छात्र को कई युवकों ने मिलकर बुरी तरह पीटा और फिर उसके मुंह पर पेशाब किया गया। यह मामला कथित तौर पर 13 नवंबर का बताया जा रहा है। लेकिन इस घटना का वीडियो रविवार को समाने आया। जिसके बाद पीड़ित युवक के पिता ने पुलिस में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने सात आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया है और चार युवकों की तलाश जारी है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई वारदात
पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में 12वीं कक्षा के एक छात्र के साथ युवकों के एक समूह ने मारपीट की और उसके चेहरे पर पेशाब कर दिया। यह हमला सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया, जिसके बाद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में देखा गया कि एक व्यक्ति सुनसान जगह पर एक छात्र की पिटाई कर रहा है। जबकि उसके दो अन्य साथी तमाशबीन बने हुए हैं और वीडियो बना कर रहे हैं। जब छात्र ने हमला रोकने की गुहार लगाई तो उस व्यक्ति ने उसके सिर और पीठ पर बार-बार हमला किया।
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पिता ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
इस घटना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। युवक के पिता ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाई है। तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, बाकी के चार आरोपियों की पहचान अवि शर्मा, आशीष मलिक, राजन और मोहित ठाकुर के रूप में की गई है, जिनकी पुलिस को तलाश है। मेरठ के एसपी पीयूष सिंह ने कहा कि धारा 294 के तहत केस दर्ज किया गया है। पीयूष सिंह ने कहा कि एक युवक पर हमला किया गया और उस पर पेशाब किया गया और उसके पिता की शिकायत के आधार पर हमने शिकायत दर्ज की है।
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पीड़ित के पिता ने कहा कि उनके बेटे को युवकों के समूह ने उस समय अपहरण कर लिया। जब वह शहर में अपने रिश्तेदार के घर से वापस आ रहा था। फिर उसे पास के एक सुनसान इलाके में ले जाया गया और उस पर हमला किया गया। जब छात्र वापस नहीं आया तो परिवार ने रात भर उसकी तलाश की और अगली सुबह वह घर पहुंचा। इसके बाद परिवार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से संपर्क किया। हालांकि, पिता का आरोप है कि शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं की गई। वे 16 नवंबर को दोबारा गए और उसी दिन मामला दर्ज कर लिया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अपहरण के आरोपों से बचते हुए मामला आईपीसी की हल्की धाराओं के साथ दर्ज किया गया था।
ऐसा कहा जाता है कि हमलावरों में से कुछ पीड़ित के दोस्त थे, लेकिन परिवार ने कहा कि उनके बीच कोई विवाद नहीं था। आरोपियों पर दंगा करने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी देने के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।
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