हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CycloneTiger ShroffGyanesh KumarBigg Boss 20

Badrinath Temple: 27 अप्रैल को खोले जाएंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, जानें कैसे तय हुई तारीख

विज्ञापन

Badrinath Temple: उत्तराखंड (Uttarakhand) के श्री बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे। जबकि ‘गाडू घड़ा कलश यात्रा’ 12 अप्रैल से शुरू होगी। बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की है। समिति के मुताबिक मंदिर कपाट 27 अप्रैल को सुबह करीब सात बजे खोले जाएंगे।

बसंत पंचमी पर तय हुई तारीख

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से कहा गया है कि नरेंद्र नगर के शाही दरबार में मनाई जाने वाली ‘बसंत पंचमी’ के शुभ मौके पर बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीखें काफी अध्ययन करने के बाद तय की गई हैं। इसे ‘पंचांग गणना’ भी कहा जाता है। समिति ने कहा कि पूरे रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ पट खोले जाएंगे।

उत्सव में ये लोग रहे मौजूद

सूत्रों ने पुष्टि की कि शाही टिहरी परिवार के कई लोग, बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘बसंत पंचमी’ के उत्सव के लिए उपस्थित थे। अलकनंदा नदी के किनारे चमोली जिले में गढ़वाल पहाड़ी की पटरियों पर स्थित बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल में बंद किए जाते हैं।

चार धामों में शामिल है बद्रीनाथ

यह तीर्थ चार प्राचीन तीर्थ स्थलों में से एक है, जिसे ‘चार धाम’ कहा जाता है। इसमें यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ भी शामिल हैं। यह उत्तराखंड के बद्रीनाथ शहर में स्थित है। यह हर साल छह महीने (अप्रैल के अंत और नवंबर की शुरुआत के बीच) के लिए खुला रहता है।

सीएम ने किया चार धाम यात्रा का ऐलान

जानकारी के मुताबिक बद्रीनाथ के पास जोशीमठ में प्राकृतिक आपदा से हर कोई दहशत में है। ऐसे में पिछले हफ्ते प्रेसवार्ता के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि चार धाम यात्रा अगले चार महीनों में शुरू होगी। इस यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें