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UP: बरेली में स्मार्ट पुलिसिंग, ADG ने बनाया AI PRO जारविस; लोगों को करेगा यातायात नियमों के प्रति जागरूक

AI PRO In Bareilly: बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने खुद ही एआई पीआरओ बनाया है। सब इंस्पेक्टर की रैंक के साथ-साथ जारविस नाम दिया गया है।

AI PRO In Bareilly
AI PRO In Bareilly (नीरज आनन्द): यूपी के बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने लोगों को जागरूक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पब्लिक रिलेशन ऑफिसर बनाया है। यह आने वाले दिनों में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत लगाए गए पब्लिक एड्रेस सिस्टम से भी लोगों को जागरूक करते हुए सुनाई देगा। इतना ही नहीं, अहम मुद्दों पर जनता को जागरूक करने के लिए भी एआई पीआरओ जारविस का काम करेगा। एडीजी ने इसका नाम जारविस रखकर सब इंस्पेक्टर की रैंक दी है। उत्तर प्रदेश में यह पहला मामला है जहां कोई एआई पीआरओ बनाया गया है।

जनता को बनाएगा जागरूक

बरेली जोन के एडीजी रमेश शर्मा के द्वारा एक नया प्रयोग करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पीआरओ को बनाया गया है, जो बरेली जोन में जनता को जागरूक करने के लिए पुलिस की सहायता करेगा। यह अपने आप में पहला प्रयोग है जहां किसी पुलिस अधिकारी के द्वारा पुलिस कर्मियों की मदद करने के लिए और जनता को जागरूक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सब इंस्पेक्टर जारविस को बनाया गया है। बरेली जोन के एडीजी रमेश शर्मा ने बताया कि आई के द्वारा बनाया गया एआई सब इंस्पेक्टर जारविस को इस प्रयोजन से बनाया गया है कि जो विभिन्न विषयों के बारे में पुलिस के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जनता को जागरूक करने के लिए उसमें पुलिस की यह मदद करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई जगह पर प्रयोग होते हैं, जिनका विभिन्न जगहों पर अलग-अलग तरह से प्रयोग किया जाता है। यहां पर यह लोगों को जागरूक करने के बारे में अलग-अलग मुद्दों पर, जहां पर जन जागरूकता की जरूरत है, और जहां पर सोशल मीडिया का प्रयोग उत्तर प्रदेश पुलिस पहले से काम कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा ही पूर्ण रूप से इसे बनाया गया है और इसको अभी सीमित संसाधनों के साथ शुरू कर रहे हैं और जो जरूरी मुद्दे हैं, उन पर जनता को जागरूक कर उनका ध्यान आकर्षित करें। धीरे-धीरे जो इस तरह का रिस्पांस आएगा, उसी के आधार पर आगे बदलाव की जरूरत होगी तो किया जाएगा। बरेली जोन के एडीजी रमेश शर्मा ने बताया कि अभी जो करेक्टर है, यह पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में है। यह छोटे वीडियो के जरिए ही सोशल मीडिया पर लोगों को जागरूक करने का काम करेगा। ये भी पढ़ें- YEIDA ने ई-नीलामी की बदली तारीख, अब इस दिन मिलेंगे जेवर एयरपोर्ट के पास प्लॉट


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