UP News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में भाजपा सांसद मेनका गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि स्कूलों में बच्चों को धार्मिक किताबें पढ़ाई जानी चाहिए, लेकिन उस पढ़ाई का कोई टेस्ट नहीं लेना चाहिए। भाजपा सांसद ने इन किताबों में कुरान, बाइबिल और गीता जैसी धार्मिक पुस्तकों का जिक्र किया।
4 साल में 11 हजार लोग विदेश गए
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, भाजपा सांसद मेनका उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के एक कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। यहां उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान से पिछले चार साल में 11 लाख लोग विदेशों में नौकरी करने के लिए गए हैं। अगर आपका कभी विदेश में नौकरी का मन करे तो आपको अच्छी अंग्रेजी आनी चाहिए।
यहां अच्छी अंग्रेजी नहीं सिखाई जाती
भाजपा सांसद ने कहा कि ऐसी अंग्रेजी उत्तर प्रदेश में ठीक से नहीं सिखाई जाती है। उन्होंने कहा कि जब मेरे पास लोग निदेश में नौकरी मांगने के लिए आते हैं तो मैं सबसे पहले उनसे उनका पूछती हूं। तो युवा कहते हैं कि माई सेल्फ... या फिर आई एम बेसिकली फ्रॉम...। मेनका गांधी ने कहा कि ये गलत है।
यूपी में अंग्रेजी के टीचर मिलना मुश्किल
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अंग्रेजी के टीचर मिलना भी बहुत मुश्किल है। इस पर उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि अगर आपको अच्छी अंग्रेजी सीखनी है तो अंग्रेजी चैनल देखें। अंग्रेजी फिल्मों के नीचे आने वाली पट्टी को पढ़ें। इससे आपकी अंग्रेजी अच्छी हो जाएगी। आप अच्छी अंग्रेजी बोलना सीख सकते हैं।
इन चार धार्मिक किताबों को पढ़ें
इसके बाद उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हम एक चीज कर सकते हैं जो स्कूलों में बिल्कुल अनोखी हो। वो ये है कि हम बच्चों को चार किताबें पढ़ाएं। उन्होंने कहा कि एक कुरान, एक बाइबिल, एक हिंदू धर्म की कोई भी किताब (जैसे महाभारत, रामायण या फिर गीता) और चौथा हम बुद्धिज्म या फिर जैनिज्म को ले सकते हैं।
मैंने खुद कई बार पढ़ी है कुरान
इन चार किताबों को हम यूं ही पढ़ें। रोजाना आधे घंटे या एक घंटे पढ़ें। इस पढ़ाई को कोई टेक्ट न हो। इसके बाद मेनका गांधी ने कहा कि मैंने खुद कुरान को कम से कम 50 बार पढ़ा है। उन्होंने कहा कि कुरान में लिखा है कि पैगंबर मोहम्मद शुद्ध शाकाहारी थे।
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