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लोन चुकाने के लिए बेटे ने की पिता की हत्या, 6 महीने तक पुलिस किया गुमराह

Uttar Pradesh Greater Noida : थाना कासना पुलिस ने 6 महीने बाद प्रकाश मर्डर केस का खुलासा किया है। पुलिस ने प्रकाश के मर्डर के आरोप में उसी के बेटे संतोष को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि संतोष ने अपने पिता की 50 लाख रुपये की बीमा राशि हड़पने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया था। इस रकम से आरोपी ने अपने लोन को चुकता किया है।

Prakash Murder Case
Uttar Pradesh Greater Noida : ग्रेटर नोएडा में कासना थाना पुलिस ने प्रकाश मर्डर केस का खुलासा करते हुए मृतक के बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने बीमा की 50 लाख रुपये की रकम हासिल करने के लिए पिता को मौत के घाट उतारा था। इसके बाद आरोपी इस मामले में खुद वादी बनकर 6 माह तक पुलिस को भी गुमराह करता रहा, लेकिन एक चूक की वजह से वह खाकी के हत्थे चढ़ गया। बताया जा रहा है कि हत्याकांड के खुलासे के बाद परिजनों के भी होश उड़ गए। पुलिस ने शनिवार को मृतक के बेटे संतोष को दनकौर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। बुलंदशहर में खरीदा था लोन पर मकान ग्रेटर नोएडा एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि 8 अगस्त 2024 को थाना कासना के जलालपुर के पास रघुनाथपुर गांव में प्रकाश बोधक की अज्ञात बदमाश द्वारा हत्या कर दी गई थी। थाना कासना पुलिस ने इस मामले में मृतक के बेटे संतोष की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी बेटा संतोष घटना के समय पिता प्रकाश के साथ था। घटना के दौरान आरोपी ने पुलिस को गुमराह के करने के लिए खुद को भी घायल किया था।एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने बताया कि प्रकाश और उसके बडे पुत्र संतोष ने 2022 में निजी बैंक से लगभग साढ़े बारह लाख रुपये का होम लोन लेकर जनपद बुलंदशहर में एक घर खरीदा था, जिसकी प्रति माह क़िस्त लगभग 12,500 रुपये थी। जिसकी वह ईएमआई नहीं चुका पा रहा था। इसी कारण दोनो ने दूसरी हाउसिंग फाईनेन्स से लगभग इक्कीस लाख रुपये का लोन प्राप्त किया। साढ़े बारह लाख रुपये निजी बैंक के होम लोन में जमा कर दिए। शेष लगभग 7,69,000 रुपये संतोष ने अपने फर्म पीएसजी मसाला के बैंक खाते में जमा कर दिए। इस लोन पर मृतक प्रकाश का जीवन बीमा 60 प्रतिशत का था। इस लोन की ईएमआई लगभग 27,000 रुपये प्रतिमाह थी जो बहुत अधिक थी। लोन चुकाने के लिए पिता को मार डाला एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि इसी दौरान संतोष को पता चला की उसके पिता ने अपने 25-25 लाख रुपये के दो जीवन बीमा कराए हुए हैं, जिसकी नामिनी उसकी मां है। संतोष ने योजना बनायी कि यदि वह अपने पिता को मार दे तो दोनों जीवन बीमा का पैसा लगभग 50 लाख रुपये उसे मिल जायेगा और जो लोन लिया था उसका भी 60 प्रतिशत बीमा कम्पनी द्वारा बैंक को भुगतान कर दिया जायेगा। इसी लालच के कारण के कारण संतोष ने अपने पिता की हत्या करने का पूरी योजना बनाई। पिता पर चाकू से किए थे कई वार एडीसीपी ने बताया कि 8 अगस्त 2024 सुबह ही वह योजनानुसार घर से ही सब्जी काटने वाला चाक़ू अपने बैग में रख लिया था और दोनों दिल्ली चले गये। जहां से वापसी में संतोष द्वारा पूर्व योजनानुसार जानबूझकर पक्की सड़क के रास्ते से न आकर सुनसान रहने वाली कच्ची सड़क पर स्कूटी लेकर चल दिया। इस बीच उसने ज्वार के खेत के पास स्कूटी रोकी और पिता प्रकाश से कहा की यहां पेशाब कर लीजिये। प्रकाश जैसे ही स्कूटी से उतरकर पेशाब करने लगे, उसी समय संतोष द्वारा अपने बैग से चाकू निकाला और पीछे से प्रकाश पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी। खुद को घायल कर पुलिस को किया गुमराह इसके बाद उसने उसी चाकू से अपनी छाती पर एक कट लगाया ताकि किसी को उस पर शक न हो और घटना सच्ची लगे। वहीं पर झाड़ियों में चाक़ू को छिपा दिया था। फिर संतोष ने अपने पिता मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और मृत्यु के तीन महीने के अंदर ही जीवन बीमा का पैसा लगभग 50 लाख रुपये अपनी माता के बैंक के खाते में प्राप्त कर लिए। घर वालों को इसने कुछ नहीं बताया। अपने छोटे भाई को अपनी माँ को कुछ नहीं बताया और उसको पूरा पैसा इसने खुद रख लिया था। पता चलने पर परिजनों को संतोष पर शक हुआ तो पुलिस से शिकायत की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया।  


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