TrendingBMCmamata banerjeeiran

---विज्ञापन---

नोएडा के 43 बिल्डरों को नोटिस, राहत पैकेज वापस लेने की तैयारी

Noida News: नोएडा प्राधिकरण ने बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. राहत पैकेज के तहत बकाया राशि जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है, लेकिन कई बिल्डर अब तक रकम नहीं जमा कर पाए हैं.

नोएडा प्राधिकरण।

Noida News: नोएडा प्राधिकरण ने बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है. राहत पैकेज के तहत बकाया राशि जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है, लेकिन कई बिल्डर अब तक रकम नहीं जमा कर पाए हैं. ऐसे में प्राधिकरण ने 43 बिल्डर परियोजनाओं के मालिकों को नोटिस जारी कर अंतिम बार याद दिलाया है. अब प्राधिकरण आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है.

रिकवरी सर्टिफिकेट होगा जारी

शासन से बोर्ड बैठक के मिनट्स प्राप्त होते ही प्राधिकरण राहत पैकेज को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है. वहीं, जिन विकासकर्ताओं ने तय अवधि में बकाया नहीं चुकाया है, उनके खिलाफ आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी करने की तैयारी की जा रही है.

---विज्ञापन---

2023 में जारी हुआ था राहत पैकेज का आदेश

अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर यूपी सरकार ने 21 दिसंबर 2023 को राहत पैकेज संबंधी शासनादेश जारी किया था. इसके तहत पहले चरण में उन 57 बिल्डर परियोजनाओं को शामिल किया गया था जिनका कोई मामला न्यायालय में लंबित नहीं था.

---विज्ञापन---

25 प्रतिशत रकम ही जमा की

मार्च-अप्रैल 2024 से इन बिल्डरों ने बकाया राशि जमा करनी शुरू की थी. इनमें से 35 बिल्डरों ने केवल 25 प्रतिशत रकम जमा की और आगे की किस्तें नहीं दीं. राहत पैकेज के नियमों के मुताबिक, 100 करोड़ रुपये तक के बकायेदारों को एक वर्ष में पूरी राशि जमा करनी थी, परंतु अधिकांश ने ऐसा नहीं किया. इसके अलावा 12 परियोजनाओं के बिल्डरों ने आंशिक भुगतान किया है, जबकि 10 बिल्डरों ने कोई राशि नहीं जमा की. इन सभी 57 परियोजनाओं पर प्राधिकरण का लगभग 5,500 करोड़ रुपये बकाया है.

शासन से लिया जाएगा अंतिम निर्णय

हाल में हुई बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने बिल्डरों को 31 अक्टूबर तक की अंतिम मोहलत दी थी. अब समय सीमा समाप्त होने के बाद राहत पैकेज समाप्त कर दिया गया है. शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

ये भी पढ़ें: नोएडा के नामी ट्रैवल इन्फ्लुएंसर की अमेरिका में मौत, टाॅप 100 में थे शामिल


Topics:

---विज्ञापन---