Uttar Pradesh Noida News (जुनेद अख्तर) : नोएडा के सेक्टर-32ए स्थित डंपिंग ग्राउंड में आग बुझाने का काम जारी है। करीब 6 दिन से लगी आग को मंगलवार को भी बुझाने के लिए पानी का छिड़काव जारी रहा। उधर, नोएडा अथॉरिटी ने डंपिंग ग्राउंड को बदलने का फैसला लिया है। अथॉरिटी के अफसर जल्द ही इस डंपिंग ग्राउंड को नोएडा के ही सेक्टर-117 में शिफ्ट करने वाले हैं। अथॉरिटी के इस फैसले से जहां एक तरफ 50000 लोग साफ हवा में सांस ले सकेंगे। वहीं, दूसरी तरफ सेक्टर-117 में रहने वाले करीब 150000 लोग इससे प्रभावित होंगे। यहां रहने वाले निवासियों ने अथॉरिटी के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। जिसके बाद नोएडा अथॉरिटी एक बार फिर बैकफुट पर आ गई है।
बुधवार तक बुझ जाएगी आग
नोएडा अथॉारिटी ने अब सेक्टर 32 के सिटी सेंटर के पास कूड़ा न डालने का फैसला किया है। अब इसे सेक्टर 117 में शिफ्ट किया जाएगा। आग लगने की घटनाओं के बाद भारी विरोध के चलते यह फैसला लिया गया है। हालांकि इस फैसले का विरोध भी होने लगा है। नोएडा हाई राइज फेडरेशन और आसपास की अन्य एओए और आरडब्ल्यूए इसका विरोध कर रही हैं। इस संबंध में अथॉारिटी का कहना है कि शरारती तत्वों ने कूड़े के ढेर में आग लगाई है, जिनकी पहचान कर पुलिस के जरिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग के 75 कर्मचारी और 15 गाड़ियां कई दिनों से काम कर रही हैं। कूड़े में लगी आग के कारण सेक्टर 31, 33, 23, 35, 34, 40, 51, होशियारपुर और सेक्टर 39 के आसपास धुएं का गुबार छाया हुआ है। फायर ऑफिसर के मुताबिक बुधवार तक आग पूरी तरह बुझ जाएगी।
इन सेक्टरों पर पड़ेगा असर
सेक्टर 117 में डंपिंग ग्राउंड बनने से सेक्टर 117, 119, 120, 121, 122 और सेक्टर 73, सर्फाबाद गांव का कुछ हिस्सा और 7X प्रभावित होंगे। सेक्टर 117 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एडवोकेट कोसिंदर यादव ने बताया कि बताया कि नोएडा प्राधिकरण होली के बाद सेक्टर-32 में डाले जाने वाले बागवानी कचरे को सेक्टर-117 में शिफ्ट करने का फैसला ले रहा है। यह इलाका घनी आबादी वाला है, जहां करीब 30-40 हाउसिंग सोसायटी और हजारों परिवार के साथ एक लाख से अधिक की आबादी निवासी करती है। जिससे इलाके में दुर्गंध, गंदगी और आग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। उनका आरोप है कि सेक्टर-117 को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
सेक्टर-117 में यह कैसे संभव होगा?
कोसिंदर यादव ने कहा कि नोएडा अथॉरिटी पिछले दिनों सेक्टर-32ए में बागवानी के लिए बनाए गए मैदान में कूड़े में लगी आग को नहीं रोक सका तो सेक्टर-117 में यह कैसे संभव होगा? यादव ने कहा कि सेक्टर-117 को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, पिछले साल भी यहां पशु आश्रय स्थल बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे स्थानीय विरोध के बाद रद्द करना पड़ा था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नोएडा अथॉरिटी इस घनी आबादी वाले इलाके में डंपिंग ग्राउंड बनाने के बारे में कैसे सोच सकता है।
RWA अध्यक्ष ने CEO को लिखा पत्र
सेक्टर-117 के निवासियों का कहना है कि अथॉरिटी को यह फैसला वापस लेना चाहिए और कूड़े को आबादी से दूर किसी उपयुक्त स्थान पर डंप करने की मांग की। FONRWA (Federation Of Noida Resident Welfare Association) के संयुक्त सचिव और सेक्टर-117 RWA के अध्यक्ष एडवोकेट कोसिंदर यादव ने अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश एम को पत्र लिखकर इस फैसले का विरोध किया है और मांग की है कि इस कूड़े को ऐसी जगह पर डंप किया जाए, जहां आबादी को कोई खतरा न हो।
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