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ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आठ बड़ी समस्याएं, 2 लाख की आबादी एक दशक से परेशान

Uttar Pradesh Greater Noida West : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में समस्याओं का अंबार है। यहां रहने वाली 2 लाख से अधिक की आबादी इन समस्याओं से रोज रूबरू होती है। लोग रोज इसकी शिकायत सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से संबंधित अधिकारियों से करते हैं, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता है।

Greater Noida West
Uttar Pradesh Greater Noida West (जुनेद अख्तर) : ग्रेटर नोएडा वेस्ट को "समस्याओं का शहर" के रूप में देखा जाना कुछ हद तक सही हो सकता है, क्योंकि यह क्षेत्र कुछ प्रमुख बुनियादी ढांचा और विकास संबंधित समस्याओं का सामना कर रहा है। हालांकि, इसे केवल समस्याओं का शहर कहना पूरी तरह से सही नहीं होगा, क्योंकि यह एक विकासशील क्षेत्र है और कई मामलों में सुधार हो रहा है। फिर भी, यहां कुछ प्रमुख समस्याएं हैं, जो पिछले एक दशक से यहां रहने वाली 2 लाख से अधिक की आबादी को परेशान कर रही है। ट्रैफिक और सड़कों की समस्या ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सड़क नेटवर्क की स्थिति और ट्रैफिक जाम की समस्याएं गंभीर हैं। निर्माण कार्यों और विकास के कारण ट्रैफिक समस्या अधिक हो जाती है। यहां की सड़कों की हालत अक्सर खराब रहती है, जिससे यात्रा करना कठिन हो जाता है। विशेषकर पीक आवर्स में ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा होता है। यहां की सड़कों पर रोजाना ही ट्रैफिक जाम लगता है, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है। ट्रैफिक जाम की लगातार शिकायतें मिलने के बाद ही ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी अब चार मूर्ति को हटाकर वहां अंडरपास का निर्माण कर रहा है। बुनियादी और सार्वजनिक सुविधाओं की कमी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अपनी बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, बिजली, सीवरेज और सड़क नेटवर्क के लिए संघर्ष कर रहा है। कई इलाकों में पानी की आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम ठीक से काम नहीं करते। यहां की 200 सोसायटियों में आए दिन कोई न कोई समस्याएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं और हाई एजुकेशन इंस्टीट्यूट की कमी भी एक बड़ी समस्या है। निर्माण कार्यों की धीमी गति इस इलाके में बहुत सी परियोजनाएं जो पहले से लंबित हैं, उनका निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। यह विकास की गति को प्रभावित करता है और क्षेत्र के निवासियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। कुछ सोसायटियों में बिल्डिंग की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आती हैं, जैसे रिसाव या कमजोर निर्माण सामग्री का इस्तेमाल। यह बहुत बड़ी समस्या है। स्नैचिंग की घटनाओं ने डराया ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्ट्रीट क्राइम आम है। यहां मोबाइल और चेन स्नैचिंग की सैकड़ों घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ इलाकों में सुरक्षा की चिंता होती है, खासकर रात के समय। हालांकि कुछ सोसायटियों में सीसीटीवी कैमरे और सिक्योरिटी गार्ड हैं, लेकिन फिर भी क्राइम की घटनाएं कभी-कभी सामने आती हैं। यह घटनाएं निवासियों में डर पैदा करती हैं। प्रॉपर्टी की कीमत में उतार-चढ़ाव ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रॉपर्टी की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। कभी यह क्षेत्र एक महंगे प्रॉपर्टी बाजार का हिस्सा लगता है, और कभी अचानक ही इसकी कीमतों में गिरावट आ जाती है। यह निवेशकों के लिए एक चिंता का कारण हो सकता है। इस इलाके में अवैध विला और फ्लैटों का भी तेजी से निर्माण हो रहा है, जिसकी वजह प्रॉपर्टी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। स्वच्छता और कचरा प्रबंधन ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पिछले करीब एक दशक से इस समस्या से जूझ रहे हैं। यहां रहने निवासियों का कहना है कि कुछ जगहों पर कचरे की सही तरीके से सफाई नहीं होती, जिससे इलाके में गंदगी का माहौल बना रहता है। जिन सोसायटियों के पास गांव मौजूद है, वहां हालात और बेकार हैं। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को इस पर ध्यान देना चाहिए। बड़े पैमाने पर विकास की कमी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों का कहना है कि अभी भी कुछ इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास की कमी महसूस की जाती है, जैसे कि पार्क, मनोरंजन स्थल, और सार्वजनिक स्थल। निवासियों का कहना है कि अथॉरिटी को इस पर जल्द से जल्द काम करना चाहिए। निवासियों के लिए चुनौती बनी समस्याएं हालांकि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कुछ समस्याएं हैं, लेकिन यह क्षेत्र एक उभरता हुआ इलाका है और यहां धीरे-धीरे विकास हो रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र के प्रयासों से इन समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। इन मुद्दों को समय के साथ हल किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में ये समस्याएं इस क्षेत्र के निवासियों के लिए चुनौती पेश कर रही हैं।


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