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चंदौसी रोड पर प्रशासन का बड़ा ऑपरेशन, संभल में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर; देखें Video

संभल के चंदौसी रोड पर प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की. करीब 19 बीघा जमीन खाली कराई जा रही है. बुलडोजर से निर्माण गिराए गए. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बुधवार 14 जनवरी को प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाकर हड़कंप मचा दिया है. चंदौसी रोड पर सालों से अवैध रूप से कब्जा की गई करीब 19 बीघा सरकारी जमीन को बुलडोजर चलाकर मुक्त कराया गया है. पुलिस और जिला प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई का मकसद सरकारी संपत्ति को बहाल करना और भू-माफियाओं को सख्त संदेश देना है. भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है.

भारी पुलिस बल और ड्रोन की निगरानी में चला बुलडोजर

संभल तहसील के चंदौसी रोड पर करीब 1.239 हेक्टेयर की कीमती जमीन पर कब्जा जमाने वालों के खिलाफ जेसीबी और बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया. एएसपी कुलदीप सिंह के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से चार थानों की पुलिस, चार एसएचओ और पीएसी की दो टुकड़ियों को तैनात किया गया था. पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही थी ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध थी और इससे पहले जमीन की सटीक पैमाइश भी की गई थी.

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कब्जाधारियों को कानूनी नोटिस

प्रशासन का कहना है कि बुलडोजर चलाने से पहले सभी अवैध कब्जाधारियों को कानूनी नोटिस दिए गए थे और सत्यापन के बाद ही यह कदम उठाया गया है. संभल जैसे संवेदनशील जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार, सीओ और एसपी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे थे. पुलिस की मौजूदगी ने किसी भी संभावित विरोध को नाकाम कर दिया और सरकारी जमीन को सार्वजनिक उपयोग के लिए वापस ले लिया गया. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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अवैध खनन और अतिक्रमण पर सरकार का सख्त रुख

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए चल रहे प्रदेशव्यापी अभियान के तहत ही संभल में यह कार्रवाई की गई है. स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है क्योंकि इससे यातायात सुगम होगा और सार्वजनिक स्थानों का विकास हो सकेगा. हालांकि, कुछ प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं, जिससे प्रवर्तन और राहत के बीच संतुलन पर बहस छिड़ गई है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की सभी इकाइयां सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में अन्य चिन्हित स्थानों पर भी ऐसी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है.


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