Maha Kumbh Stampede Official Reason: प्रयागराज महाकुंभ में देररात त्रिवेणी संगम पर मची भगदड़ ने लोगों का दिल दहला दिया। 50 से ज्यादा लोग घायल हुए और कई लोगों के मारे जाने की भी चर्चा है, लेकिन मौतों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं भगदड़ मचने के पीछे की वजह जरूर स्पष्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को भगदड़ पर आधिकारिक बयान देते हुए भगदड़ मचने के पीछे की वजह बताई। महाकुंभ की विशेष कार्यकारी अधिकारी आकांक्षा राणा ने मीडिया को आधिकारिक बयान देते हुए भगदड़ मचने की वजह बताई।
क्या कहते हैं अधिकारी?
महाकुंभ की विशेष कार्यकारी अधिकारी आकांक्षा राणा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संगम मार्गों पर कुछ बैरियर टूटने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कुछ लोग घायल हुए हैं. उनका इलाज चल रहा है। यह कोई गंभीर स्थिति नहीं है। घायलों की सही संख्या अभी तक भी पता नहीं चल पाई है, क्योंकि प्राथमिकता पहले चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की है।
CM योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। प्रयागराज में आज लगभग 8-10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हैं। कल लगभग 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ का स्नान किया था। श्रद्धालुओं के संगम नोज पर जाने से भारी दबाव बना हुआ है। रात 1-2 बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर बैरिकेड्स को फांद कर आने की कोशिश करते हुए कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान कराने के लिए लगातार लगा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी सुबह से लगभग 4 बार श्रद्धालुओं के बारे में जानकारी ले चुके हैं।
भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी श्रद्धालुओं के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं। प्रयागराज में हालात अब नियंत्रण में हैं, लेकिन भीड़ का दबाव बहुत बना हुआ है। संतों के साथ भी मेरी बात हुई है, उन्होंने बड़ी विनम्रता से कहा है कि पहले श्रद्धालु स्नान करके निकल जाएंगे, उसके बाद ही हम स्नान के लिए संगम की तरफ जाएंगे। सभी अखाड़े इसके लिए सहमत हैं। लोगों से अपील है कि अफवाह पर ध्यान न दें। संयम से काम लें। यह आयोजन लोगों का है। प्रशासन उनकी सेवा में लगा है। सरकार मजबूती के साथ हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तत्पर है। आवश्यक नहीं है कि संगम नोज की तरफ ही आएं। 15-20 किलोमीटर के दायरे में अस्थायी घाट बनाए गए हैं, आप जहां पर हैं, वहीं पर स्नान करें।