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63KM लंबाई, 8000 करोड़ लागत; लखनऊ से कानपुर सिर्फ 45 मिनट में… जानें नए एक्सप्रेसवे की खासियतें

Lucknow Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर प्रशासन ने भारी वाहनों की एंट्री को 2 महीने के लिए बंद करने का ऐलान किया है। होली के बाद रोक मई महीने तक जारी रहेगी। इस हाईवे की खासियतों के बारे में जानते हैं।

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की आवाजाही को 2 महीने के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। होली के बाद मई 2025 तक यह रोक जारी रहेगी। यह फैसला इस वजह से लिया गया है, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के पूरा कर लिया जाए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा यह फैसला लिया गया है। फिलहाल रोजाना इस हाईवे से लगभग 1 लाख भारी वाहन आवाजाही करते हैं। इनकी वजह से निर्माण कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था। इस हाईवे का लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। एलिवेटेड हाईवे का निर्माण कार्य पूरा होने से लोगों को जाम के झंझट से छुटकारा मिलेगा। जून तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है। ये भी पढ़ेंः ‘AMU में मनाई जाएगी होली, मारपीट करने वाले को ऊपर पहुंचा देंगे’- विवाद के बीच बीजेपी सांसद का बयान हो रहा वायरल लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की डेडलाइन जून 2025 रखी गई है। पहले उम्मीद थी कि अप्रैल से वाहनों का ट्रायल शुरू हो जाएगा। 14 फरवरी को इस एक्सप्रेसवे का मुआयना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। उनके साथ सांसद रमेश अवस्थी और देवेंद्र भोले भी मौजूद थे। इस एक्सप्रेसवे के ऊपर 8 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। लखनऊ और कानपुर के लोगों को हाईवे के निर्माण का फायदा मिलेगा। दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, वहीं, जाम से भी छुटकारा मिलेगा।

यहां से डायवर्ट होंगे वाहन

8 लेन का यह एक्सप्रेसवे होगा, पहले इसको सिक्स लेन बनाए जाने की योजना था। लखनऊ और कानपुर के बीच 3 घंटे का सफर है, इस एक्सप्रेसवे के बनने से यह सिर्फ 45 मिनट का रह जाएगा। आवाजाही बंद होने के बाद अब भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। लखनऊ से कानपुर जाने वाले वाहनों को दारोगा खेड़ा के पास स्लिप रोड से आउटर रिंग रोड पर भेजा जाएगा। उधर, कानपुर से लखनऊ आने वाले वाहनों को दही चौकी की ओर डायवर्ट किया जाएगा। कुछ वाहनों को बनी से मोहनलालगंज, गोसाईगंज होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते निकाला जाएगा।

63 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे

प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रैफिक पुलिस को डायवर्जन रूट मैप सौंप दिया है। अधिकारियों का मानना है कि भारी वाहनों की आवाजाही रुकने से एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य समय पर पूरा कर लिया जाएगा। अब दारोगा खेड़ा से बनी के बीच एलिवेटेड रोड पर गार्डर रखने का कार्य लगातार 24 घंटे किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 63 किलोमीटर है। 18 किलोमीटर एलिवेटेड और 45 किलोमीटर ग्रीन फील्ड रूट तैयार किया जा रहा है। इस हाईवे पर कुल 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और 6 फ्लाईओवरों का निर्माण होना है। ये भी पढ़ेंः Video: बसपा से निकाले आकाश आनंद को कांग्रेस से बड़ा ऑफर, उदित राज बोले- राहुल से मिलवाऊंगा


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