License of amethis sanjay gandhi hospital suspended: अमेठी के संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस महिला के इलाज में लापरवाही बरतने के बाद सस्पेंड किया गया है। 22 साल की महिला की मौत के बाद यूपी स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक्शन लिया गया था। लेकिन अब मामले में राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने प्रकरण में भाजपा की यूपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया की बीजेपी की सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। अस्पताल को ट्रस्ट चलाता है, जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। लेकिन अब अस्पताल को टारगेट किया जा रहा है। सरकार के फैसले के खिलाफ प्रोटेस्ट शुरू करेंगे। 100 बेड के अस्पताल का नींव पत्थर पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने 1982 में रखा था। 1989 से ये अस्पताल अमेठी के मुंशीगंज इलाके में लोगों का इलाज कर रहा है।
टीम की रिपोर्ट के बाद लिया गया एक्शन
रविवार को 22 साल की महिला की मौत हो गई थी। जिसके बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत 4 कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिनके ऊपर महिला के इलाज में कोताही बरतने का आरोप है। महिला को यहां सुबह 14 सितंबर को एडमिट करवाया गया था। जिसको पेट दर्द की शिकायत थी। पित्ताशय की सर्जरी से पहले महिला की हालत खराब हो गई थी। जिसके बाद परिजन उसको लेकर लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल गए थे।
यहां 16 सितंबर को उसकी डेथ हो गई। जिसके बाद परिवार ने संजय गांधी अस्पताल पर दोष लगाया था। आरोप था कि महिला को एनेस्थीसिया की ओवरडोज दी गई। जिसके कारण जान गई। पहले एफआईआर दर्ज की गई, बाद में प्रशासन की ओर से जांच के आदेश दिए गए थे। जिसके बाद अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी की 3 सदस्यीय टीम बनाई गई थी। टीम की रिपोर्ट के बाद 18 सितंबर को अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड किया गया था।
कमियों के संबंध में नोटिस जारी कर मांगा जवाब
मामले में यूपी के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि जांच टीम को जो कमियां मिली हैं, उनका जवाब नोटिस जारी कर मांगा गया है। लापरवाही में संलिप्तता मिली तो परिसर को सील किया जाएगा। वहीं, संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के प्रशासक विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) मनोज मुट्टू ने कहा है कि वे मामले में कोर्ट का रुख करेंगे। हमें 3 माह का समय देकर 24 घंटे में लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
घटना हुई है, लेकिन इसकी जांच होनी चाहिए। अस्पताल में 200 स्टूडेंट, 600 नर्सिंग स्टूडेंट के अलावा 450 लोगों का स्टाफ है। लेकिन बिना मौका दिए एक्शन लेना सही नहीं है। मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सीएम को पत्र लिख आदेश वापस लेने की मांग की है। राय ने कहा कि अस्पताल ग्रामीण इलाकों में लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाता है। अमेठी के लोगों और अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों को पूरा इंसाफ मिले, वे सीएम से इसकी उम्मीद करते हैं।
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