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सपा विधायक नाहिद हसन के खिलाफ 11 साल पुराने मामले में फैसला, कोर्ट ने लगाया 100 रुपये जुर्माना

Kairana SP MLA Nahid Hasan: उत्तर प्रदेश की कैराना विधानसभा सीट से सपा विधायक नाहिद हसन को कोर्ट ने 100 रुपये का जुर्माना लगाया है। 11 साल पुराने मामले में फैसला आया है। मामला क्या है, विस्तार से इसके बारे में जानते हैं।

SP MLA Nahid Hasan: कैराना के सपा विधायक नाहिद हसन को 11 साल पुराने मामले में अदालत ने 100 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। उन्होंने चुनाव के दौरान यूपी की पूर्व सीएम मायावती और पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की थी। पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा-171(6) के तहत शामली सदर कोतवाली में केस दर्ज किया था। तभी से मामला कोर्ट में था। अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शामली ने सपा विधायक को 100 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत में सुनवाई को लेकर पुलिस प्रशासन के कड़े इंतजाम रहे। यह भी पढ़ें:शिंदे की शिवसेना का ‘ऑपरेशन टाइगर’, 6 सांसदों ने बढ़ाई उद्धव ठाकरे की टेंशन; क्या फिर होगा महाराष्ट्र में ‘खेल’ दरअसल मामला 2014 का है, जब नाहिद हसन एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मायावती और पीएम मोदी पर आपत्तिजनक तंज कसा था। कोर्ट ने अब उनके खिलाफ फैसला सुनाया है। अगर वे 100 रुपये जुर्माना नहीं भरते तो एक महीने अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। इससे पहले मामले में 11 फरवरी 2025 को फैसला आना था, लेकिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 13 फरवरी की तारीख मुकर्रर की थी। यह भी पढ़ें:NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेगा बिहार चुनाव, सामने आया ये बड़ा अपडेट इससे पहले 2020 में नाहिद हसन को एक धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजा गया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उनकी बेल अर्जी को खारिज कर दिया था। जमीन बेचने के मामले में नाहिद हसन की पेशी फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई थी। इससे पहले नाहिद को इलाहाबाद हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी थी। आरोप था कि उन्होंने जमीन की खरीद-फरोख्त करने में लाखों रुपये की धोखाधड़ी की।

कोर्ट ने जारी किए थे गिरफ्तारी वारंट

मामले में सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन के खिलाफ कोर्ट की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। वहीं, जिला न्यायालय से अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने उनको एक महीने के भीतर निचली अदालत में पेश होने के आदेश जारी किए थे। नाहिद ने इसके बाद कोर्ट से एक माह का समय और मांगा था, कोर्ट ने उनकी मांग को मंजूर कर लिया था।


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