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Joshimath Land Subsidence: क्या होटल 'मलारी इन' को तोड़ने में इस्तेमाल होगी 'डिमोलिशन मशीन'? कहां जाएगा कंपन?

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Joshimath Land Subsidence: उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Joshimath) में आए प्राकृतिक संकट से हर कोई प्रभावित हुआ है। किसी ने अपना घर छोड़ा है तो किसी को अपना रोजगार गंवाना पड़ा। जोशीमठ का नामी होटल मलारी इन भी इसी में शामिल है। बढ़ती दरारों के कारण झुके होटल को अब तोड़ जा रहा है। इमारत को तोड़ने में डिमोलिशन मशीन के इस्तेमाल पर अधिकारियों ने चौंकाने वाला बयान दिया।

दोनों तरफ के रास्तों को रोका गया

जोशीमठ में आई दरारों (Joshimath Land Subsidence) के बाद होटल मलारी इन को तोड़ने के लिए काफी संख्या में कर्मचारियों को तैनात किया गया था। होटल के सामने वाले मार्ग को दोनों ओर से रोक दिया गया है। राज्य पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के अधिकारियों मौके पर तैनात होकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

इस तकनीक को हा रहा है इस्तेमाल

इससे पहले सीबीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक डीपी कानूनगो ने बताया कि होटल को तोड़ने के काम में लगे कर्मचारियों को पूर्व प्रशिक्षण दिया गया है। जल्द से जल्द इसे तोड़ने का काम पूरा किया जाएगा। कानूनगो ने एएनआई को बताया कि हम होटल को तोड़ने के लिए मैकेनिकल डिस्मेंटलिंग तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।

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क्या होगा अगर ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल हो

कानूनगो ने एजेंसी को बताया कि होटल को तोड़ने के लिए किसी भी भारी कंपन मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है। क्योंकि वे जमीन में हो रहे धंसाव से भी बचना चाहते हैं। कानूनगो ने बताया कि होटल की हर चीज को अलग किया जाएगा। हम यहां किसी भी प्रकार की भारी वाइब्रेटिंग मशीन (ड्रिलिंग मशीन) का उपयोग नहीं करेंगे। हम कोशिश में हैं कि जमीन के अंदर कम से कम या फिर कोई कंपन न हो।

होटल मालिक ने किया था विरोध

बता दें कि बुधवार को होटल के ध्वस्तीकरण की सूचना मिलने के बाद मालिक ठाकुर सिंह राणा अपने परिजनों के साथ मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। ठाकुर सिंह राणा ने कहा था कि अगल-बगल के होटल की इमारत से इतना दबाव है कि मेरा होटल कभी भी ढह जाएगा। मैं बेबस हूं, मैं कुछ नहीं कह सकता।

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रोपवे को भी किया बंद, ये है कारण

उन्होंने यह भी कहा कि अब तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ मुआवजे के बारे में कोई बात नहीं हुई है। मुझे मुआवजे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आपको बता दें कि अधिकारियों ने शनिवार को उत्तराखंड के औली को चमोली के जोशीमठ से जोड़ने वाली रोपवे सेवा को भी रोक दिया। रोपवे के प्लेटफॉर्म में दरार देखी गई थी।

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