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ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद जाने वालों के लिए गुडन्यूज! 25 करोड़ मुआवजे के लिए किसानों की लिस्ट तैयार

देशभर में दर्जनों एक्सप्रेसवे और सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के सफर को लगातार आसान बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसमें से एक ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद जाने वाले रास्ते का निर्माण भी शामिल है।

Greater Noida To Faridabad: मंझावली पुल को ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद तक जोड़ा जाएगा। जिसके लिए 25.62 करोड़ का बजट भी जारी किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत फरीदाबाद के मंझावली पुल तक 4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसमें कई गांवों की जमीन ली जानी है। इसके लिए किसानों की एक लिस्ट भी तैयार की जा चुकी है। जिन किसानों की जमीन खरीदी जाएगी, उनको 25.69 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, मुआवजे के वितरण का काम अगले हफ्ते तक पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद इस सड़क को मंझावली पुल से जोड़ने का काम शुरू हो जाएगा।

क्या है पूरा प्लान?

ग्रेटर नोएडा को फरीदाबाद के मंझावली पुल से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए शासन से 25.62 करोड़ के बजट की भी मंजूरी मिल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा के बॉर्डर पर मंझावली गांव के सामने यमुना नदी पर ग्रेटर नोएडा जाने के लिए पुल बनाया गया है, लेकिन उस पुल से जुड़ने वाली सड़क का काम अभी तक पूरा नहीं किया जा सकता है। यह 4 किलोमीटर की सड़क ग्रेटर नोएडा के अट्टा गुजरान तक बनाई जा रही है। इसका काम किसानों के मुआवजे की वजह से रुका हुआ है। ये भी पढ़ें: नोएडा इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स का काम फिर अटका, 2025 में भी नहीं हो पाएगा शुरू

शुरू होगा जमीन खरीदने का काम

इस सड़क को मंझावली पुल से जोड़ा जाएगा, जिसके लिए 6.8884 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। यह सड़क मुरसदपुर, अफजलपुर, जगनपुर और अट्टा गुजरान से खरीदी जाएगी। इस जमीन के मालिक किसानों को 25.62 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है। इसके लिए करीब 40 किसानों के नाम की एक लिस्ट तैयार की गई है। प्रशासन ने जमीन पर कब्जे को लेकर किसानों से आपत्तियां भी मांगी हैं, जिसके लिए उन्हें 7 दिन का वक्त दिया गया है। मंझावली पुल तक बनने वाली सड़क के निर्माण को लेकर पिछले 10 सालों से विवाद था, जिसको अब निपटा लिया गया है। दरअसल, किसानों में मुआवजा दर को लेकर असहमति बनी हुई थी। जिसकी वजह से इस आधी अधूरी सड़क से ही लोग सफर करने को मजबूर हैं। ये भी पढ़ें: एक्सप्रेस-वे के 500 मीटर के दायरे में आने वाले गांवों की बदलेगी सूरत, जीडीए ने शुरू की तैयारी


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