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गाजियाबाद कोर्टरूम में बवाल क्यों मचा? वकीलों ने की तोड़-फोड़ और जलाई चौकी, आज ठप किया काम

Judge Lawyers Fight Update: गाजियाबाद कोर्टरूम में जज और वकीलों के बीच खूब बवाल हुआ। विवाद सुलझाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने वकीलों के खिलाफ केस दर्ज करके एक्शन लिया तो वकीलों ने भी विरोध जताते हुए काम ठप कर दिया।

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Ghaziabad Court Room Judge Lawyers Fight

Ghaziabad Court Room Judge Lawyers Fight: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर की जिला अदालत में बीते दिन खूब बवाल हुआ। जज और वकीलों में बहसबाजी के चलते जज ने अपनी सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी को बुला लिया। भड़के वकीलों को शांत करने के लिए पुलिस बीच बचाव किया तो वकील कुर्सियां उठाकर फेंकने लगे। मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इससे भड़के वकीलों ने पुलिस चौका घेराव किया।

तोड़-फोड़ करते हुए उसमें आग लगा दी। पुलिस ने मामले में एक्शन लेते हुए करीब 50 लोगों पर FIR की है। वहीं विरोध में वकीलों ने पूरे उत्तर प्रदेश में काम ठप कर दिया। वकीलों ने जज के तबादले की मांग करते हुए काम का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। साथ ही मारपीट में घायल वकीलों के इलाज के लिए 2-2 लाख मुआवजा भी मांगा है। वकीलों का कहना है कि जब तक जज पर कार्रवाई नहीं होगी, वे काम पर नहीं लौटेंगे। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने 5 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है।

 

इसलिए हुआ था बवाल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद कोर्ट में एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही थी। वकील नाहर सिंह यादव ने जमानत याचिका दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग जज से की, लेकिन जज ने इनकार कर दिया। इस दौरान वकील और जज के बीच बहस हो गया। विवाद बढ़ा और जज डाइस से नीचे आ गए। फिर जज-वकील आमने-सामने हो गए और उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिस और PAC बुला ली। जज का बचाव करते हुए पुलिस ने वकीलों पर बल का प्रयोग किया। DCP राजेश कुमार ने लाठीचार्ज के आदेश दिए। जज वकीलों को लाइसेंस जब्त कराने और जेल भिजवाने की धमकी दे रहे थे, जिससे वकील भड़क गए। फिर इतना हंगामा हुआ कि कई थानों की पुलिस और PAC बुलानी पड़ी। पुलिस ने जज को घेरकर उन्हें उनके दफ्तर तक सुरक्षित पहुंचाया।

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वकीलों ने ऐसे रिएक्ट किया

जज की धमकियों और पुलिस के लाठीचार्ज से भड़के वकीलों में से कुछ को हिरासत में लेकर पुलिस थाने पहुंची, लेकिन वकीलों के दूसरे ग्रुप ने चौकी में आग लगा दी। तोड़-फोड़ करते हुए फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। खिड़कियों के शीशे तोड़े। कुर्सियां और मेज उठाकर फेंके। मेटल डिटेक्टर भी तोड़ दिया। DCP सिटी राजेश कुमार, ACP कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव जज को सिक्योरिटी देने कोर्ट पहुंचे। वकीलों के हमले में पुलिस वाले घायल हुए। सुरक्षा के लिए कोर्ट और थाने के बाहर अर्धसैनिक बल और PAC की कंपनियां तैनात करनी पड़ी।

मामले में दर्ज किए गए 2 केस

एडिशनल CP दिनेश पी ने बताया कि मामले में पुलिस ने बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष समेत 50 वकीलों पर 2 केस दर्ज किए हें। एक FIR गाजियाबाद जिला कोर्ट के केंद्रीय नाजिर संजीव गुप्ता ने कराई है। इस केस में अधिवक्ता एवं पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष नाहर सिंह यादव, अभिषेक यादव, दिनेश यादव और 40–50 अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। दूसरी FIR चौकी प्रभारी संजय सिंह ने कराई है। पुलिस चौकी पर पत्थर बरसाने और पुलिस चौकी को जलाने के आरोपी में 50 अज्ञात वकीलों को केस में नामजद किया गया है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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