Money Laundering Case: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को राहत दी है। कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल देशमुख की जमानत रद्द करने की ईडी की याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया। बता दें कि देशमुख को हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
देशमुख को दी गई जमानत 13 अक्टूबर से प्रभावी होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 4 अक्टूबर को अनिल देशमुख को जमानत दे दी थी, लेकिन ईडी के अनुरोध पर आदेश को 12 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया था। अनिल देशमुख पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाया गया था और ईडी ने पिछले नवंबर में गिरफ्तार किया था।
इससे पहले मुंबई की एक विशेष अदालत ने अनिल देशमुख को शहर के एक निजी अस्पताल में दिल की बीमारी के इलाज कराने की अनुमति दी थी। आर्थर रोड जेल अधिकारियों की ओर से देशमुख की बीमारियों से संबंधित एक मेडिकल रिपोर्ट के संबंध में एक ई-मेल भेजे जाने के बाद यह फैसला आया।
नवंबर 2021 से जेल में बंद हैं अनिल देशमुख
बता दें कि अनिल देशमुख नवंबर 2021 से जेल में बंद हैं। मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि गृह मंत्री रहते हुए अनिल देशमुख ने एपीआई सचिन वाजे को हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूली के आदेश दिए थे।
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पूर्व कमिश्नर के आरोपों के बाद पहले CBI ने और फिर बाद में ED ने इसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान ED को जानकारी मिली कि गृह मंत्री रहते हुए देशमुख ने अपने पद का दुरुपयोग किया और मंबई के अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा बार से 4.70 करोड़ रुपये की वसूली की। उन्होंने इस रकम को उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख ने दिल्ली की एक शेल कंपनी को ट्रांसफर किए। फिर ये रकम श्री साईं शिक्षण संस्था को डोनेशन के रूप में मिली। बता दें कि इस संस्था को देशमुख परिवार संचालित करता है।
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