राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एक बार फिर भारतीय सेना की ताकत की गवाह बनी. यहां भारतीय सेना की आर्मी एयर डिफेंस इकाइयों ने वायु रक्षा मिसाइल फायरिंग अभ्यास का सफल आयोजन किया, जिसमें OSA-AK/AKM (9K33 Osa) शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणाली ने अपनी घातक और सटीक मारक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया.
रक्षा प्रवक्ता निखिल धवन ने जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यास के दौरान लक्ष्य की पहचान, ट्रैकिंग और उसके सटीक विनाश की पूरी प्रक्रिया को बेहद कम समय में अंजाम दिया गया. OSA-AK/AKM प्रणाली ने यह साबित किया कि वह आधुनिक हवाई खतरों से निपटने में पूरी तरह सक्षम और विश्वसनीय है.
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आधुनिक हवाई खतरों पर सटीक प्रहार
OSA-AK/AKM (9K33 Osa) प्रणाली भारतीय सेना की आर्मी एयर डिफेंस की प्रमुख शॉर्ट-रेंज वायु रक्षा प्रणालियों में शामिल है. यह निम्न ऊंचाई पर उड़ने वाले लड़ाकू विमानों, अटैक हेलीकॉप्टरों, ड्रोन, मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) और क्रूज़ मिसाइल जैसे आधुनिक खतरों को प्रभावी ढंग से निष्प्रभावी करने में सक्षम है.
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इस प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सर्विलांस रडार, ट्रैकिंग रडार, फायर कंट्रोल सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर—सभी क्षमताएं एक ही ट्रैक्ड TELAR प्लेटफॉर्म पर एकीकृत हैं, जिससे प्रतिक्रिया समय अत्यंत कम हो जाता है और युद्धक्षेत्र में तेजी से निर्णय लेना संभव होता है.
सप्त शक्ति कमांड की तैयारियों को मजबूती
यह अभ्यास सप्त शक्ति कमांड के अंतर्गत तैनात डॉट ऑन टारगेट डिवीजन द्वारा किया गया. अभ्यास के दौरान कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरों के विरुद्ध त्वरित प्रतिक्रिया, सटीक निशाना और निर्बाध कमांड-कंट्रोल समन्वय देखने को मिला.
इस सफल अभ्यास ने पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना की वायु सुरक्षा तैयारियों को और अधिक मजबूत किया है तथा यह संदेश दिया है कि भारतीय सेना हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्षम है.