राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन भुजहरि” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है. टीम ने छह वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अंतरराज्यीय नशा तस्कर भोपाल सिंह को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है. आरोपी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और गुजरात तक नशे का नेटवर्क फैला चुका था.
कर्ज से अपराध तक का सफर
महानिरीक्षक पुलिस एवं एटीएस-ANTF के महानिदेशक विकास कुमार के अनुसार, आरोपी भोपाल सिंह (उम्र 50 वर्ष), निवासी थाना मनासा, जिला नीमच (मध्य प्रदेश) का रहने वाला है. पूछताछ में सामने आया कि मां की बीमारी पर भारी खर्च, पहली पत्नी की मौत और दूसरी शादी के खर्च के चलते वह कर्ज में डूब गया. खेती से कर्ज नहीं चुका पाने पर उसने तस्करी का रास्ता अपनाया. इससे उसका कर्ज तो खत्म हो गया, लेकिन जितने अपराधों में वह फंसता गया, उनसे निपटने और जमानत लेने के लिए कोर्ट-कचहरी पर भारी खर्च होने लगा.
---विज्ञापन---
नशे की कमाई से चमकी जिंदगी
आरोपी ने धीरे-धीरे अवैध धंधे से बड़ी रकम कमाई. बताया गया कि उसने दूसरी पत्नी के लिए भारी मात्रा में सोने के गहने बनवाए. उस पर सनक सवार थी कि वह अपनी दूसरी पत्नी को आभूषणों से लाद दे. इसी चाहत को पूरा करने के लिए उसने अपने नशे के साम्राज्य का विस्तार किया. मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र तक उसने नशे का नेटवर्क फैला लिया और कई वर्षों तक पुलिस से बचता रहा.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: महिलाओं को करनी पड़ती है पुरुषों से 3 गुना ज्यादा मेहनत, तब मिलती है राजनीति में जगह: वसुन्धरा राजे
अफीम की खेती से सीखा नशे का खेल
आरोपी के पिता सरकारी पट्टे की अफीम की खेती करते थे. उसी अनुभव का फायदा उठाकर भोपाल सिंह ने अफीम की अवैध खरीद-फरोख्त शुरू की. वह किसानों से 400–500 रुपये प्रति किलो अफीम खरीदकर 2000–2500 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचता था. सीजन के हिसाब से उसका मुनाफा और भी बढ़ जाता था.
पूरे इलाके में फैला नेटवर्क
भोपाल सिंह सिर्फ सप्लायर ही नहीं था, बल्कि तस्करों की गाड़ियों को सुरक्षित एस्कॉर्ट के साथ मध्य प्रदेश से राजस्थान तक निकालने का ठेका भी लेता था. इससे उसकी कमाई दोगुनी हो गई और इसी वजह से उसकी पहुंच राजस्थान के साथ-साथ पंजाब और गुजरात के दूर-दराज इलाकों तक हो गई.
ऐसे चढ़ा ANTF के हत्थे
ANTF की टीम पिछले तीन से चार दिनों से मध्य प्रदेश में आरोपी पर नजर बनाए हुए थी. मुखबिर की सूचना पर टीम ने ग्राहक बनकर उससे संपर्क किया और बड़ी खेप का ऑर्डर दिया. डील के लिए जब आरोपी 20 जनवरी को अपने गांव के खेत पर पहुंचा, तो पहले से घात लगाए बैठी ANTF टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.