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राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा चरण आज से, ‘लाल डायरी’ मामले में विपक्ष का हंगामा तय

Rajasthan Assembly Session: राजस्थान विधानसभा का सत्र आज फिर शुरु होने जा रहा है। चुनावों के लिहाज से यह विधानसभा का आखिरी सत्र हैं। इस सत्र में सरकार 5 महत्वपूर्ण बिलों को चर्चा कर पारित करना चाहेगी। तो वहीं विपक्ष लाल डायरी को लेकर आक्रमक तेवर अख्तियार कर सकता है। इसके साथ-साथ मदन दिलावर की बर्खास्तगी […]

Rajasthan Assembly Session: राजस्थान विधानसभा का सत्र आज फिर शुरु होने जा रहा है। चुनावों के लिहाज से यह विधानसभा का आखिरी सत्र हैं। इस सत्र में सरकार 5 महत्वपूर्ण बिलों को चर्चा कर पारित करना चाहेगी। तो वहीं विपक्ष लाल डायरी को लेकर आक्रमक तेवर अख्तियार कर सकता है। इसके साथ-साथ मदन दिलावर की बर्खास्तगी को लेकर भी विपक्ष हंगामा कर सकता है। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक बीजेपी विधायक का निलंबन वापस नहीं होता तब तक सत्र की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।

सत्र से पहले गुढ़ा ने बुलाई प्रेस वार्ता

वहीं दूसरी ओर अशोक गहलोत केबिनेट से बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने विधानसभा सत्र से पहले प्रेस वार्ता बुलाई है। बता दें कि गुढ़ा को विधानसभा में मणिपुर हिंसा वाले बयान के बाद मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद 21 जुलाई को गुढ़ा को सदन में हंगामे के चलते बर्खास्त कर दिया गया था। इसी लाल डायरी को लेकर आज होने वाली प्रेस वार्ता में गुढ़ा खुलासा कर सकते हैं।

इस सत्र में ये बिल होंगे पारित

सरकार विधानसभा का अंतिम सत्र होने के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा करना चाहती है। फिलहाल इस सत्र में 5 बिल चर्चा के लिए लंबित है। सदन में बुधवार को नाथद्वारा मंदिर (संशोधन) विधेयक, राजस्थान विद्युत (शुल्क) विधेयक, महात्मा गांधी दिव्यांग विश्वविद्यालय, जोधपुर विधेयक, राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग विधेयक, राजस्थान काश्तकारी (संशोधन) विधेयक सदन में रखे जाएंगे।

पहला चरण रहा था हंगामेदार

बता दें कि राजस्थान विधानसभा के मानसूत्र सत्र का पहला चरण काफी हंगामेदार रहा था। जब पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने सदन में मणिपुर हिंसा मामले में चर्चा के दौरान सरकार को अपनी गिरेबां में झांकने की नसीहद दे डाली। इसके बाद उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया। गुढ़ा अगले दिन विधानसभा में लाल डायरी लेकर पहुंचे और उसे विधानसभा में पटल पर रखने की मांग की। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें सदन से बर्खास्त कर दिया था। ये भी देखेंः


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