राजस्थान में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर उठे सवालों के बीच उन्हें शुक्रवार को समाधि दे दी गई. उनके पैतृक गांव स्थित आश्रम में अंतिम संस्कार की रस्मपुरी की गई लेकिन अब भी साध्वी की मौत आस्था और आश्रम को लेकर बड़ा सवाल बना हुआ है. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. सस्पेंस कुछ इस कदर है कि कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सीबीआई या किसी हाई लेवल कमेटी से जांच की मांग कर दी, वहीं सरकार केवल यही कह पा रही है कि अभी पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है. आखिर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?
अबूझ पहेली बनी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत
कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब सिर्फ एक मौत नहीं रही, ये एक अबूझ पहेली बन चुकी है. इंजेक्शन से लेकर इंस्टाग्राम पोस्ट तक हर कड़ी में सस्पेंस है. 29 जनवरी बुधवार का दिन, जोधपुर का आरती नगर इलाका, कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को आश्रम से ब्रॉन डेड हालत में प्रेक्षा अस्पताल लाया जाता है. डॉक्टर देखते हैं और तुरंत मृत घोषित कर देते हैं. मौत की पुष्टि के बाद शव वापस आश्रम लाया जाता है. लेकिन यहीं से असल कहानी शुरू होती है. मौत के करीब चार घंटे बाद साध्वी प्रेम बाईसा के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आती है.
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किसने किया प्रेम बाईसा के इंस्टा से पोस्ट?
पोस्ट में लिखा है, 'सनातन…अग्नि परीक्षा…और न्याय.' सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होती है और सवाल उठता है. जब साध्वी की मौत हो चुकी थी तो पोस्ट किसने किया? मोबाइल किसके पास था? क्या ये सुसाइड नोट है या किसी और ने लिखा? मामले पर सस्पेंस इसलिए है क्योंकि साध्वी के पिता और गुरु वीरमनाथ का दावा है कि तबीयत खराब होने पर एक प्राइवेट कम्पाउंडर ने डेक्सोना इंजेक्शन लगाया. दावा ये भी कि इंजेक्शन लगते ही महज 5 मिनट में साध्वी की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई. ऐसे में सवाल उठा की क्या उन्हें लगाया गया डेक्सोना इंजेक्शन इतना खतरनाक है? क्या डोज ज्यादा थी? या इंजेक्शन में कुछ और भी मिलाया गया? पुलिस ने कम्पाउंडर को हिरासत में लेकर इंजेक्शन के खोल जब्त किए गए और आश्रम को सील किया गया.
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सीसीटीवी कैमरे हटाए जाने का आरोप
भक्तों की तरफ से आश्रम के सीसीटीवी कैमरे हटाए जाने का आरोपी सामने आ गया. सवाल फिर उठा कि अगर सब कुछ सामान्य था तो कैमरे क्यों हटाए गए? भक्तों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी. भक्तों की आवाज जब जयपुर तक पहुंची तो पूरे मामले की हाई लेवल कमेटी से जांच की मांग उठा गई. जब कांग्रेस के राजस्थान अध्यक्ष से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इस पूरे मामले पर कई सवाल उठाकर हाई लेवल कमेटी के जांच की मांग कर दी लग गया तुम बीजेपी को भी गैर सेवा कहा कि सनातन की बात करने वाली सरकार ने इतनी गंभीर मुद्दे पर अब तक जांच कमेटी तक नहीं बनाई है.
पुलिस के लिए चुनौती बना केस
मामला खुद पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया तो सरकार को भी इस पर बयान देना पड़ा की अभी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है उसके आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी. सरकार की तरफ से यह भी साफ कर दिया गया कि फिलहाल तत्काल सीबीआई जांच का उसका कोई इरादा नहीं है और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा.
निष्पक्ष जांच होगी- गृह राज्य मंत्री
राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने कहा, 'प्रेम बाईसा एक बड़ी कथा वाचक थी. सोशल मीडिया , उनके समर्थक और दूसरे लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रही है लेकिन हमारी पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. हमें पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतज़ार हैं. कल पोस्टमार्टम हुआ है उसकी रिपोर्ट अभी तक मेरे पास नहीं आई है. उसमें जो भी सामने आएगा मैं आपको पढ़कर आगे बता दूंगा. साध्वी प्रेम बाईसा हम सब की सम्मान वाली साध्वी रही है. उनके भक्तों की आस्था उनके प्रति होना स्वाभाविक है. मैं यही कह सकता हूं निष्पक्ष जांच में सारे पहलुओं पर जांच होगी.दूध का दूध पानी का पानी करके इसका खुलासा करने का काम हमारी पुलिस कर रही है. हम निष्पक्ष जांच करके सारे बिंदुओं पर इसका खुलासा करेंगे. हमारी पुलिस पूरी तरह लगी हुई है.'
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बहरहाल, तमाम सवालों और उसके खोजे जा रहे जवाबों के बीच साध्वी प्रेम बाईसा को संत परंपरा के अनुसार समाधि दी गई है और अब इंतजार किया जा रहा है उनकी पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का ताकि यह पता चल सके की प्रेम बाईसा ने आत्महत्या की थी या उनकी हत्या का एक बड़ा षड्यंत्र रचा गया था. फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर सस्पेंस बरकरार है.