Rajasthan Student Election: राजस्थान में इस साल नहीं होंगे छात्रसंघ चुनाव, सरकार ने बताई ये बड़ी वजह
Author: Rakesh Choudhary
Aug 13, 2023 12:47 PM IST
Rajasthan Student Election: राजस्थान में इस साल छात्रसंघ के चुनाव नहीं होंगे। जयपुर में देर रात उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस फैसले के बाद एबीवीपी ने विरोध करना शुरू कर दिया। विभाग ने प्रदेशभर के विवि में चल रही प्रवेश प्रकिया का हवाला देते हुए छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने की बात कही। वहीं छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए अगर जल्द से जल्द तारीखों को ऐलान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
सीएम बोले- मंत्री करेंगे फैसला
वहीं इस मामले पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि इसको लेकर शिक्षा राज्य मंत्री राजेंद्र यादव ही फैसला लेंगे। लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि जब चुनाव बंद हो गए थे तब मैं ही वह सीएम था जिसने चुनाव फिर से शुरु करवाए थे। उन्होंने कहा कि आज छात्र चुनाव से पहले जिस तरह पैसे खर्च कर रहे हैं जैसे एमपी-एमएलए का चुनाव हो। यह सब कुछ लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के खिलाफ है। हम इसके सख्त खिलाफ हैं।
पुलिस ने 6 छात्र नेताओं को हिरासत में लिया
छात्रसंघ चुनाव रद्द होने के बाद आज रविवार सुबह एबीवीपी समेत कई संगठन इसको लेकर राजस्थान विवि के बाहर मेन गेट पर प्रदर्शन करने वाले थे। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन से पहले ही छात्र नेताओं पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया। पुलिस अब तक 6 से ज्यादा नेताओं को हिरासत में ले चुकी है।
सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का दिया हवाला
बता दें कि शनिवार रात उच्च शिक्षा विभाग की बैठक हुई। जिसमें विभाग के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया। विभाग ने अपने आदेश में कहा कि राजस्थान के विवि के कुलपतियों ने स्पष्ट किया कि चुनावों में धनबल का खुलकर उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का भी उल्लंघन किया जा रहा है। यदि चुनाव होते है तो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर सिस्टम लागू नहीं हो पाएगा। इसलिए छात्रसंघ चुनावों को रद्द करने का फैसला किया गया है।
एनएसयूआई हार रहा चुनाव
चुनाव रद्द होने के बाद एबीवीपी नेता मनु दाधीच ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव रद्द इसलिए किया गया है कि क्योंकि सरकार को डर है कि उनका छात्र संगठन एनएसयूआई राजस्थान के सभी प्रमुख काॅलेजों का चुनाव हार रहा है। जिस राष्ट्रीय शिक्षा नीति की बात की जा रही है वो तो अब तक लागू हो जानी चाहिए थी। लेकिन सरकार और विवि प्रशासन की लापरवाही से अब तक लागू नहीं हो पाई।
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