जन्मदिन के बहाने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री का जन्मदिन यूं तो 8 मार्च यानि महिला दिवस के दिन मनाया जाता है, लेकिन उस दिन होली होने के कारण उसके चार दिन पहले ही 4 मार्च को मनाने की तैयारी चल रही है। इधर बीजेपी ने भी 4 तारीख को ही विधानसभा घेराव की तैयारी की है ऐसे में बीजेपी कार्यकर्तााओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बन गई है कि वे वसुंधरा राजे का जन्मदिन कार्यक्रम में जाएं या विधानसभा का घेराव करें। वसुंधरा समर्थक विधायकों ने उनको पुनः सीएम चेहरा घोषित करने की मांग की हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि कांग्रेस को हराने की ताकत केवल उनमें ही हैं। हालांकि केंद्रीय मंत्री शेखावत और प्रदेशाध्यक्ष पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने की बात कहते रहे हैं।मांगी जा सकती है रिपोर्ट
उधर, पार्टी सूत्रों का कहना है कि वसुंधरा राजे के कार्यक्रम पर केंद्रीय नेतृत्व की नजर भी रहेगी। इस बारे में प्रदेश नेतृत्व से रिपोर्ट मांगी जा सकती है।
बागी तेवरों के लिए जानी जाती हैं वसुंधरा
राजस्थान की राजनीति में बीजेपी का वर्चस्व भैंरोसिंह शेखावत के समय से ही रहा है। वसुंधरा राजे की बगावत से हर कोई परिचित है। किस प्रकार 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जसवंत सिंह जसोल को लेकर अपनी मूंछ की लड़ाई वाला बयान दिया था। उसके बाद 2020 में प्रदेशाध्यक्ष के पद को लेकर आलाकमान से उनकी खटपट सबको याद है। मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष से भी उनके रिश्तें कभी सहज नहीं रहे। राजे अक्सर पार्टी की मीटिंगों से गायब रहती है। उसके बाद धीरे-धीरे पार्टी के पोस्टरों से भी गायब हो गई। लेकिन चुनावी साल में राजे एक बार फिर एक्टिव नजर आ रही है। पहले उन्होंने मेवाड़ में यात्रा निकाली और अब अपने जन्मदिन के बहाने शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है।---विज्ञापन---
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