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जैसलमेर में पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस, आर्मी से जुड़े वीडियो-फोटो भेजने का आरोप

राजस्थान के जैसलमेर के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र से पुलिस ने एक पाकिस्तानी जासूस को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि पाक जासूस बीते काफी समय से सेना से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था।

भारत-पाक बॉर्डर। (सांकेतिक तस्वीर)

राजस्थान के जैसलमेर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उन्होंने एक पाकिस्तानी जासूस को पकड़ा है। जैसलमेर के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र से पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। आरोपी जासूस का नाम पठान खान है और उसकी उम्र 40 साल बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वह 2019 में पाकिस्तान गया था। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पूछताछ में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

जानकारी के अनुसार, पठान खान की संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी के बाद पुलिस , सीआईडी और आईबी की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र से संदिग्ध युवक पठान खान को डिटेन करने के बाद उसे जैसलमेर लाया गया है। जैसलमेर के जेआईसी ऑफिस में उसे पूछताछ की जा रही है। पाक जासूस पठान खान पर लंबे समय से आर्मी एरिया के फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी पठान खान के रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। उसे हिरासत में लेने के बाद सीआईडी, आईबी समेत कई सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियों की पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

पाकिस्तान से लगता है जैसलमेर का बॉर्डर

जैसलमेर का बॉर्डर पाकिस्तान की सीमा से लगता है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर यहां सुरक्षाबल हमेशा सक्रिय रहते हैं। जैसलमेर और बाड़मेर से लगती पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की वजह से यहां ड्रोन थ्रेट और हथियार तस्करी आदि की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसी वजह से आर्मी और बीएसएफ यहां हमेशा सक्रिय रहती है। [poll id="75"]

बीकानेर में भी मिला था एक जासूस

बता दें कि इससे पहले बीकानेर के महाजन रेलवे स्टेशन पर तैनात कर्मी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी ने जब उससे पूछताछ की तो पता चला था कि वह महाजन रेलवे स्टेशन पर पॉइंटमैन की जिम्मेदारी संभालता है। नौकरी की आड़ में भवानी सिंह नाम का शख्स पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को जानकारी पहुंचा रहा था। जांच में यह भी सामने आया था कि सोशल मीडिया के जरिए वह किसी महिला पाकिस्तानी एजेंट से जुड़ा, इसके बाद हनीट्रैप का शिकार होकर और पैसों के लालच में आकर उसने महाजन फील्ड फायरिंग रेज में इंडियन आर्मी की एक्टिविटी की खुफिया जानकारी एजेंट को देनी शुरू कर दी थी।

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