TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

5 बेटे, 2 ने तोड़ा नाता, सेवा-देखभाल नहीं करते, फिर भी चाहिए हिस्सा, क्यों दूं…पढ़ें बुजुर्ग दंपती की कहानी

Old couple filed a case for property: राजस्थान के पाली में बुजुर्ग दंपत्ति ने अपने दो बेटों को अपनी संपत्ति से बेदखल किया, बुजुर्ग दंपत्ति के पांच बेटे है। जिनमें से दो बेटे उनकी सेवा नहीं करते। पिछले 15 सालों से मां- बाप से दूर रह रहे है। बेटों के इस तरह के व्यवहार से […]

Old couple filed a case for property: राजस्थान के पाली में बुजुर्ग दंपत्ति ने अपने दो बेटों को अपनी संपत्ति से बेदखल किया, बुजुर्ग दंपत्ति के पांच बेटे है। जिनमें से दो बेटे उनकी सेवा नहीं करते। पिछले 15 सालों से मां- बाप से दूर रह रहे है। बेटों के इस तरह के व्यवहार से क्षुब्ध होकर बुजुर्ग दंपत्ति ने दोनो बेटों को संपत्ति से बेदखल कर दिया। माता- पिता के इस फैसले से नाराज दोनों बेटों ने पंचायत बुला ली। पंचों ने फरमान सुनाते हुए पांचों बेटों को बराबर- बराबर संपत्ति में हिस्सा देने का निर्देश दिया। पांच दिन में ऐसा नहीं करने पर पंचो ने 5 लाख का जुर्माना और समाज और गांव से बेदखल करने का निर्देश दिया। इस दौरान पंचों के फैसला का एक महिला (बुजुर्ग दंपत्ति की बहू, जो कि उनके साथ ही रहती है) वीडियो बनाने लगी, तो पंच जय सिंह नाराज हो गए और उनके कहने पर जेठाराम, पुष्पा, मंजू, सुशीला ने उसके साथ गलत व्यवहार करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल छीन कर तालाब में फेंक दिया। हंगामा बढ़ने पर पंचायत रोक दी गई। फिर 11 सितंबर को पंचायत बुलाई गई, जिसमें उनके पति को भी मुंबई से बुलाया गया। महिला ने पुलिस को शिकायत में बताया कि 11 सितंबर को पंचायत में उसके पति, जेठ, ननदोई और सास-ससुर भी मौजूद थे। पंचों ने फरमान सुनाते हुए उसके ससुर को 5 दिन में सभी पांचों बेटों में समान रूप से संपत्ति का बंटवारा करने के आदेश दिए। पंचो के इस फैसले का बुजुर्ग दंपत्ति ने विरोध करते हुए कहा कि जब दो बेटों ने पिछले 15 सालों से उनकी सेवा नहीं की तो उन्हें संपत्ति में हिस्सा क्यों दूं? इस पर पंचों ने पांच दिन में बंटवारा पंचो के अनुसार नहीं करने पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाने और समाज और गांव से बहिष्कृत करने की बात कही, लेकिन उसके ससुर नहीं माने तो पांच दिन बाद उन्हें गांव और समाज से बेदखल कर दिया। इससे परेशान होकर महिला ने पाली थाने में मामला दर्ज कराया है।

बुजुर्ग दंपत्ति के 4 बेटे मुंबई में रहते है

बुजुर्ग दंपत्ति के पांच बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा गांव में खेती करता है। दूसरे नंबर के बेटे की मुंबई में हार्डवेयर की शॉप है। तीसरे नंबर के बेटे की मुंबई में प्लास्टिक पाइप बनाने की फैक्ट्री है। चौथे और पांचवें नंबर के बेटे घरेलू काम में आने वाले प्लास्टिक के बने आइटम होलसेल में बेचते हैं।

5 में से 3 बेटे निभा रहे अपना फर्ज

वृद्ध के पांच में से दो बेटे उनकी सेवा नहीं करते हैं, न ही कभी फोनकर हाल-खबर लेते है, ऐसे में बुजुर्ग दंपत्ति ने उन्हें संपत्ति से बेदखल करने का फैसला लिया। उन्होंने एक न्यूज पेपर में विज्ञापन भी दिया था। तीन भाई जो माता-पिता की सेवा पिछले करीब चार साल से कर रहे हैं, वे अपनी पत्नियों को एक-एक महीने गांव में माता-पिता की सेवा करने के लिए भेजते रहते हैं। वृद्ध के सबसे बड़े बेटे की उम्र करीब 55 साल और सबसे छोटे बेटे की उम्र 35 साल है।

जब बेटे सेवा नहीं करते, तो हक कैसा

75 साल के पीड़ित वृद्ध ने कहा कि पांच बेटे हैं, दो बेटे आते-जाते भी नहीं है और बुढ़ापे में हमारी सेवा तक नहीं करते। इसलिए परेशान होकर दोनों बेटों को संपत्ति से बेदखल किया, लेकिन उन्होंने हमारे खिलाफ ही गांव में पंचायत बुला ली। पंचों ने 5 लाख रुपए का दंड लगाया। बुजुर्ग दंपत्ति ने पुलिस से शिकायत में कहा कि ऐसे बेटे किस काम के जो बुढ़ापे में मां-बाप की सेवा नहीं करना चाहते हैं और संपत्ति में बंटवारा मांगते हैं।

11 लोगों के खिलाफ किया केस

सोजतरोड SHO सरजिल मलिक ने बताया कि शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।जांच में सामने आया है कि बंटवारे को लेकर भाइयों में विवाद का मामला है। शिकायत में महिला(बुजुर्ग दंपत्ति की बहू) ने खारड़ी गांव निवासी शंकरलाल पुत्र गमनाराम, बस्तीराम पुत्र गमनाराम,रमेश पुत्र ओगड़राम, जयसिंह पुत्र कनसिंह, ढगलाराम पुत्र मगनाराम, अमराराम पुत्र ओगड़राम,, सुशीला, किशोर पुत्र जसराज, जेठाराम पुत्र उमाराम, पुष्पा और मंजू के खिलाफ मामला दर्ज कराया।    


Topics: