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जयपुर में विवाह के नाम पर बिकीं 1500 लड़कियां, एनजीओ की आड़ में मानव तस्करी

राजस्थान के जयपुर में सामूहिक विवाह की आड़ में लड़कियों की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। यहां एक एनजीओ बंगाल, यूपी और बिहार से नौकरी का लालच देकर लड़कियों को लाता था। इसके बाद जाली दस्तावेज के जरिए शादी करवाई जाती थी।

Jaipur human trafficking NGO Racket
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक महिला कल्याण एनजीओ की आड़ में सामूहिक विवाह के नाम पर लड़कियों की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने सर्वसमाज गायत्री फाउंडेशन नामक एनजीओ के जरिए चल रहे मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह फेसबुक के जरिए गरीब परिवारों की शादी और करियर का झांसा देकर लड़कियों को जयपुर लाता था और उसके बाद उन्हें लाखों रुपये में बेच देता था।

लालच देकर जयपुर लाते थे लड़कियां

मामले में डीसीपी ईस्ट तेजस्विनी गौतम ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एनजीओ पर छापा मारा। संचालिका गायत्री विश्वकर्मा, उनके साथी भगवानदास, महेंद्र, हनुमान सिंह अैार एक अन्य महिला को अरेस्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार यह गिरोह फेसबुक पर शादी का प्रचार कर यूपी, बिहार और बंगाल से गरीब लड़कियों को नौकरी का लालच देकर जयपुर लाता था। इसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती और डेरो में कैद करके रखा जाता।

जाली दस्तावेज तैयार करवाती थीं महिला

पुलिस ने बताया कि गायत्री इन लड़कियों के जाली दस्तावेज तैयार कर शादी करवाती थी। जिन लड़कियों की शादी नहीं हो पाती उनका सौदा लाखों रुपये में तय होता था। जानकारी के अनुसार 16 साल की नाबालिग को अजमेर के दो दलाल 2.5 लाख रुपये में बेचने के लिए जयपुर लाए। उसके बाद उसे नशे की हालत में यूपी में शादी के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद दलाल उसे एक बार फिर एनजीओ लेकर आए। ये भी पढ़ेंः ‘न तो माफी मांगी है और न ही…’, शुद्धिकरण मामले में ज्ञानदेव आहूजा की बीजेपी को दो टूक

ऐसे हुआ खुलासा

मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब नाबालिग लड़की महिला की मदद से वहां से भाग निकली और पुलिस से संपर्क किया। नाबालिग की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने बस्सी के सुजानपुरा में फर्जी एनजीओ पर छापा मारकर पूरी गैंग को अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके कद और शरीर के आधार पर उनका रेट तय होता था। शादी के लिए जाते समय उनको दवाएं दी जाती थीं ताकि वे विरोध नहीं कर सकें। बता दें कि एनजीओ की संचालिका गायत्री के खिलाफ पहले से ही कानोता, खोह नागोरियान और ट्रांसपोर्ट नगर में धंधा चलाती थी। जहां उसके खिलाफ 10 मामले दर्ज हैं। ये भी पढ़ेंः दिव्यांग प्रेमी के प्यार में पागल थी पत्नी, पति बना दीवार तो काट दी जिंदगी की डोर


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