Barmer: उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया गुरुवार को एक दिवसीय दौर पर बाड़मेर आए। जहां वे बिपरजाॅय से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इतिहास की सबसे खराब कानून व्यवस्था की नजर में सबसे कमजोर सरकार अशोक गहलोत की है। उन्होंने सीएम के हिंदूत्व वाले बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टिकरण और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर संघ और बीजेपी को सीएम कलंकित कर रहे हैं।

राजस्थान में तुष्टिकरण की पराकाष्ठा क्यों?

उन्हाेंने आगे कहा कि आमजन में भय और अपराधियों में विश्वास यह पंचलाइन सरकार पर एकदम सटीक बैठ रही है। सीएम के हिंदूत्व वाले बयान को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि इस बयान में कोई दम नहीं है। लेकिन सीएम को यह जवाब देना पड़ेगा कि राजस्थान में तुष्टिकरण की पराकाष्ठा क्यों है, कन्हैयालाल की गर्दन क्यों कटी? रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध क्यों लगा? हिंदू वर्ष में धारा 144 क्यों लगी? इस सब घटनाओं के लिए जिम्मेदार कौन है। जनता सीएम की इस सियासत को अच्छे से समझती है और वह फंसने वाली नहीं है।

अपराधियों में भय समाप्त हो गया है

पूनिया ने खाजूवाला की घटना पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ये घटना इसलिए हुई है क्याेंकि अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो गया है। पुलिस का भय खत्म हो गया है। इसलिए पुलिस थाने के बाहर लिखी पंच लाइन को बदल दिया जाना चाहिए। अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास की जगह आमजन में भय और अपराधियों में विश्वास यह पंच लाइन सरकार पर सार्थक होती है।

बीजेपी में सभी एकजुट

उन्हाेंने आगे कहा कि सांसद किरोड़ीलाल के आरोपों पर सरकार को जांच करानी चाहिए। ताकि लोगों को भरोसा हो जाए कि सीएम ने भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस की बात की थी। राजस्थान के 78 फीसदी लोगों का मानना है कि उनका काम बिना रिश्वत के नहीं होता है। आज प्रदेश पूरे देश में सबसे भ्रष्ट है। एकजुटता के सवाल पर उन्हांेने कहा कि बीजेपी पूरी तरह एकजुट है। यह फिक्र तो कांग्रेस को होनी चाहिए। झगड़ा तो कांग्रेस में दिखाई दे रहा है। हमारे यहां तो बीजेपी संसदीय दल से बंधी हुई है। वो जो निर्देश देगा सब लोग मिलकर पालना करेंगे। बीजेपी कार्यकर्ता से लेकर नेता सभी एकजुट है।