PM Modi Rajasthan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवम्बर को राजस्थान के बांसवाड़ा आएंगे। यहां आदिवासियों के प्रमुख तीर्थ स्थल मानगढ़ धाम में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। ख़ास बात यह है की राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश से करीब 1 लाख आदिवासी समाज के लोगों के साथ इन तीनों ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
बता दें एक महीने में पीएम मोदी की राजस्थान के आदिवासी इलाके में यह दूसरी यात्रा है जिसके माध्यम से वे इन तीनों ही राज्यों की 99 आदिवासी सीटों को साधने की कोशिश करेंगे। वहीं राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने एक ही हफ्ते के भीतर दो पत्र लिखकर पीएम मोदी से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग की है।
पीएम नरेंद्र मोदी आदिवासियों के सबसे बड़े तीर्थस्थल कहे जाने वाले मानगढ़ धाम के दर्शन कर यहाँ आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर जनसभा को संबोधित करेंगे। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और एक NGO द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और गुजरात के CM भूपेन्द्र पटेल के साथ BJP प्रदेशाध्यक्ष को भी आमंत्रित किया गया है।
गौरतलब है कि गुजरात के बाद अगले साल राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। तीनों राज्यों के बॉर्डर मानगढ़ धाम से लगते हैं। इसलिए तीनों राज्यों के पार्टी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। ऐसे में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने पीएम मोदी से मानगढ़ स्मारक को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग की है। हालांकि वे अपनी इस मांग को लेकर पिछले 10 दिनों में पीएम मोदी को दो पत्र भी लिख चुके हैं।
वैसे इन तीनों ही राज्यों में आदिवासी वोट बेंक सरकार बनाने बिगाड़ने के लिहाज़ के काफी अहम है। जहां राजस्थान विधानसभा में 25, गुजरात विधानसभा में 27, मध्य प्रदेश विधानसभा में 47 सीट ST के लिए रिजर्व हैं, इस वक़्त राजस्थान के आदिवासी अंचल के चार जिलों की 19 सीटों में से 8 सीटों पर बीजेपी, 8 सीटों पर कांग्रेस, 2 सीटों पर बीटीपी और एक सीट निर्दलीय के खाते में है। लेकिन अब BTP जैसी छोटी पार्टियां भी अब कांग्रेस और बीजेपी जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के लिए यहाँ ख़तरा बनकर उभरने लगी हैं।
यही कारण है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही इन आदिवासी आँचल में जोर लगना शुरू कर दिया है और शायद यही वजह है बीजेपी पीएम मोदी के इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने पीएम मोदी के इस यात्रा को राजनीती से जोड़कर देखे जाने से इनकार करते हुए कहा की कांग्रेस ने आदिवासियों को केवल वोट बेंक के रूप में ही देखा है, जबकि पीएम मोदी उन्हें उनका सम्मान लौटाने आ रहे हैं।
दरअसल मानगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा की एक वजह यह भी है कि मानगढ़ को आदिवासी अंचल का जलियांवाला बाग कहा जाता है, जहां पर स्वाधीनता संग्राम हुआ था और सैकड़ों आदिवासियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, ऐसे में इस स्थान पर सभा कराकर बीजेपी भावनात्मक तौर पर आदिवासियों को अपने पाले में लाना चाहती है।
बताया यह भी जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जनसभा के दौरान यहां कोई बड़ी घोषणा भी आदिवासियों के लिए कर सकते हैं। इस धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग लम्बे समय से चली आ रही है। ऊपर से गुजरात में भी विधानसभा चुनाव है और उसके अगले साल राजस्थान में चुनाव हैं। ऐसे में 1 नवंबर को राजस्थान-गुजरात सीमा से सटे ऐतिहासिक मानगढ़ में पीएम मोदी की इस सभा को पाटीदार समाज के साथ-साथ आदिवासी वर्ग को भी साधने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है।
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