शिरोमणि अकाली दल ने घोषणा की है कि वह 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के पहले चरण के चुनाव अभियान की शुरूआत कादियां से 17 फरवरी से ‘पंजाब बचाओ- सुखबीर सिंह बादल लाओ’ नाम का एक जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू करेगा. रैलियों की शुरुआत पंजाब के माझा एरिया में कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन प्रताप बाजवा के विधानसभा क्षेत्र कादिया से होगी. जिसमें अकाली दल की टॉप लीडरशिप शामिल होगी.
वहीं, पर सुखबीर बादल ने इन 40 रैलियों को जो 13 अप्रैल बैसाखी तक चलनी है. उनको कामयाब करने के लिए सारी ताकत झोंक दी है. शुरुआत में माझा की तीन लोक सीटों गुरदासपुर, अमृतसर और खड़ूर साहिब की विधासनभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है जिनमें कादिया, अटारी, खेमकरण और जीरा शामिल है.
वहीं, सारे पंजाब की नजरें सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया की जोड़ी पर टिकी हुई हैं कि इन रैलियों के जरिए वह लोगों में पार्टी के प्रति कितना उत्साह बना पाते हैं क्योंकि जिस तरह सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया को सोशल मीडिया पर पंजाब के लोग ट्रेंड कर रहे हैं और उनके साथ फोटो खिंचवाने और सेल्फी लेने के लिए धक्का मुक्की करते देखे जाते हैं. यह बात नेताओं में उत्साह का संचार कर रहा है.
दोनों को सोशल मीडिया में तो टाइगर ओर चीता तक बुलाया जाने लगा है. राजनीति की समझ रखने वाले लोगों का कहना है कि जिस तरह से शिरोमणि अकाली दल अपनी रणनीति के सहारे आगे बढ़ रहा है और लोगों का इक्कठा दोनों नेताओं के आसपास बढ़ रहा है जिसको लेकर अलग-अलग पंजाब की राजनीतिक पार्टियां अपनी रणनीति बदलने लगी है और पहले जो अकाली दल को सीरियस नहीं लेते थे अब वह सीरियस लेने लगे हैं, क्योंकि बिक्रम मजीठिया के जेल से छूटने के बाद उनका काफिला अमृतसर जाते वक्त जगह जगह पर भारी तादाद में लोग सड़कों पर उनको मिलने के लिए निकले. इन सब बातों ने अकाली दल में एक शक्ति का संचार किया. खासकर नौजवानों के अंदर जिसको लेकर पंजाब से संबंधित राजनीतिक पार्टियों के रणनीतिकार अपनी रणनीति फिर से बनाने को मजबूर हैं.
पार्टी अध्यक्ष सुखरबीर सिंह बादल ने पार्टी की वरिष्ठ लीडरशीप से विचार-विमर्श करने के बाद कहा, ‘हम पंजाब के सभी ज्वलंत मुद्दों को उठाएंगे और राज्य के लिए अपना दृष्टिकोण पेश करेंगे. उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि पंजाबी अकाली दल के साथ एकजुट होंगे क्योंकि यही एक पार्टी है जो उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है.’
कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए वरिष्ठ अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि राज्य भर में 40 रैलियां आयोजित की जाएंगी और यह कार्यक्रम 13 अप्रैल को बैसाखी के दिन समाप्त होगा. उन्होंने कहा कि 28 रैलियां 31 मार्च तक आयोजित की जाएंगी, जिनके कार्यक्रम को भी अंतिम रूप दे दिया गया है. उन्होंने आगे कहा, शेष 12 रैलियां अप्रैल में आयोजित की जाएंगी.
इस बारे में अन्य जानकारी देते हुए डॉ. चीमा ने बताया कि अकाली दल ने हमेशा नैतिक राजनीति की है. उन्होने कहा, हमने अतीत में जो भी वादा किया उसे पूरा किया है. इस बार भी हम राज्य के लिए अपना दृष्टिकोण पेश करेंगे जो शांति और सद्भाव बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा समाज के हर वर्ग को शामिल करेगा.
वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि पार्टी महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना रूख स्पष्ट करेगी और उनका समाधान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेगी. उन्होंने कहा, इनमें पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को राज्य में हस्तांतरित करना और नदी जल के संबंध में पंजाब के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त करना शामिल है.
उन्होंने कहा कि पार्टी देश के संघीय ढ़ांचे के कमजोर होने को लेकर बेहद चिंतित है और इसका मजबूती से बचाव करने के लिए वचनबद्ध है. उन्होंने आगे कहा, ‘संघवाद के कमजोर होने से पंजाब को आर्थिक रूप से बहुत नुकसान हुआ है क्योंकि इसमें केंद्रीय निधियों का हस्तांतरण और राज्यों को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च करने की स्वतंत्रता का हनन शामिल है.’
डॉ. चीमा ने कहा कि खेती संकट और किसानों द्वारा झेली जा रही गंभीर मुद्दों के साथ-साथ 2025 की बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलना, कर्जा और आत्महत्याएं शामिल हैं. इन मुद्दों को रैलियों में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि एमएसपी को कानूनी गारंटी बनाना, उर्वरक सब्सिडी में कमी करना और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में किसानों के हितों की रक्षा करना जैसे मुद्दों को जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उठाया जाएगा.
उन्होंने आगे कहा, अनुसूचित जाति समुदाय की भलाई को सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रमों की आवश्यकता, नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकामी और ड्रग माफिया को संरक्षण देने के मुद्दों को भी मजबूती से उठाया जाएगा.
अकाली नेता ने कहा कि पार्टी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा विशेष रूप से सिख धार्मिक संस्थानों को कमजोर करने के लिए प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करेगी. उन्होंने कहा, हम इस साजिश में शामिल लोगों का पर्दाफाश करेंगे और पूरे पंथ से अकाली दल का समर्थन करने की अपील करेंगे जो हमेशा सिखों के गौरव और प्रतिष्ठा के लिए सुरक्षा कवच के रूप में खड़ा रहा है.
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