Punjab Cabinet Sub-Committee Meeting with Employee Unions: पंजाब की भगवंत मान सरकार की कैबिनेट सब-कमेटी ने कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठक की। इस बैठक में सब-कमेटी की तरफ से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए टीचर्स की सर्विस को रेगुलर करने पर विचार करने को कहा है। पंजाब सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों की जायज मांगों और मुद्दों को हल करने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया गया। इस कैबिनेट सब-कमेटी में वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा और NRI मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल शामिल है। बुधवार को इस कमेटी ने मेरिटोरियस टीचर्स यूनियन, 3704 टीचर्स यूनियन, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा, खेतीबाड़ी विद्यार्थी एसोसिएशन और आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठके की।
Punjab Govt. Engages in Productive Dialogues with Employee Unions under CM @BhagwantMann
इस बैठक में मेरिटोरियस टीचर्स यूनियन के प्रतिनिधियों ने छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए मेरिटोरियस स्कूलों की अपनी मांगों और मुद्दों को कमेटी के सामने रखा। इस मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इस उद्देश्य के लिए गठित अधिकारियों की समिति के जरिए टीचर्स की सर्विस को को नियमित करने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने विभाग को यूनियन की वित्तीय मांगों पर एक रिपोर्ट तैयार करने और उसे वित्त विभाग को भेजना भी निर्देश दिया है। इसके साथ यूनियन को भरोसा दिलाया गया कि पंजाब सरकार अच्छी सर्विस देने वाले कर्मचारियों की मांगों और मुद्दों पर खास ध्यान दे रही है।
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यूनियनों को कैबिनेट सब-कमेटी का आश्वसन
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के साथ बैठक में कैबिनेट सब-कमेटी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि फ्रंट द्वारा उठाए गए उन मुद्दों पर एडवोकेट जनरल ऑफिस से कानूनी राय ली जाए, जो इस समय अदालत में हैं, साथ ही कानूनी परेशानी का सामना कर सकते हैं। फ्रंट द्वारा उठाए गए वित्तीय मुद्दों के बारे में वित्त मंत्री ने भरोसा दिया कि इन मामलों को वित्त विभाग द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है। इसके साथ ही कमेटी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि ‘3704 अध्यापक संघ’ द्वारा उठाए गए मुद्दों के लिए यूनियन के साथ बैठक कर रिपोर्ट दें।
इसी तरह से कैबिनेट सब-कमेटी ने बाकी के यूनियन की भी परेशानी और मांग को सुना और उनकी जायज मांगों को पूरा करने लिए संबंधित विभाग को जरूररी निर्देश दिए।