पंजाब के लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले कैबिनेट में लिए गए हैं। किसानों और युवाओं को भी सरकार ने तोहफा दिया है। सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले लोगों के लिए पंजाब सरकार ने बड़ी छूट दी है। इसके साथ ही पंजाब कैबिनेट ने किसानों की मांग के अनुरूप 'दा सीड एक्ट बिल 2025' अमेंडमेंट को मंजूरी दी है।
पंजाब कैबिनेट ने किसानों की मांग के अनुरूप 'दा सीड एक्ट बिल 2025' अमेंडमेंट को मंजूरी दी है। बताया गया कि सीड एक्ट 1966 में संशोधन किया गया है। इसके अंतर्गत अब अगर पंजाब में कोई सब-स्टैंडर्ड बीज की बिक्री करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को मिलेगी सजा
बीज एक्ट 1966 की धारा में तब्दीली की गई है, जिसके अंतर्गत अगर कोई कंपनी पहली बार अपराध करती है, तो 1 साल से 2 साल की सजा और 5 लाख से 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। दूसरी बार अगर कंपनी अपराध करती है, तो उसे 2 साल से 3 साल की सजा तथा 10 लाख से 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नए प्रावधान के तहत, अगर कोई डीलर या व्यक्ति बीजों में मिलावट करता है, तो उसे 6 महीने से 1 साल तक की सजा के साथ 1 लाख से 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं दूसरी बार 1 साल से 2 साल तक की सजा और 5 लाख से 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि लंबे समय से पंजाब के किसानों की मांग थी कि बाजार में घटिया बीज आते हैं। अब घटिया बीज बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं को तोहफा
वहीं, पंजाब सरकार ने ग्रुप डी की भर्तियों की पात्रता उम्र सीमा पहले 18 से 35 साल तय की थी। अब इसमें 2 साल की छूट दी गई है। अब 18 से 37 साल तक के लोग ग्रुप डी की नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को फायदा मिलेगा। जो युवा उम्र अधिक होने की वजह से नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पा रह थे, अब उन्हें भी मौका मिलेगा।
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