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कर्जा लेने के बाद भी महिलाओं को नहीं मिल रहे हैं हजार रुपये; नेता प्रतिपक्ष का पंजाब सरकार पर हमला

पंजाब विधानसभा में लीडर ऑफ ऑपोजिशन प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब सरकार पर सवालों के कई तीर साधे। उन्होंने सरकार से पूछा कि कर्जा भी महिलाओं को हजार रुपये नहीं मिल रहे हैं।

पंजाब विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच जमकर बयानबाजी हो रही है। इसी कड़ी में पंजाब विधानसभा में लीडर ऑफ ऑपोजिशन प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब सरकार पर बड़ा हमला किया है। बजट से पहले प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने 1,20,000 रुपये का कर्ज लिया, लेकिन महिलाओं को दिए जाने वाले हजार रुपये कहां हैं, जिसकी गारंटी दी गई थी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

'वित्त मंत्री ला रहे झूठ का पुलंदा'

उन्होंने आगे कहा कि आधा पंजाब रेगिस्तान बनता जा रहा है। सरकार एक व्हाइट पेपर नौकरियों पर लाए, उनका सारा विवरण दे। पंजाब के मुख्यमंत्री विधानसभा छोड़कर चले गए, दिल्ली वाले पक्की तरह यहां बैठ गए हैं। इन्हें हाई कोर्ट में हर रोज अलग-अलग केसों में झड़ पड़ रही है। राज्य में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। कोर्ट में किसी को बोलने दिया जाता है, किसी को नहीं बोलने देते। शिक्षा मंत्री सवालों का जवाब ही नहीं दे पाए। राज्य में एक-एक एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी की 4 से 5 बार बदलियां हो चुकी हैं, जिन्हें मजबूर किया जाता है। राज्य सरकार ने नौजवानों, किसानों, दलितों और OBC के किसी भी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। पंजाब के वित्त मंत्री झूठ का पुलंदा लेकर आ रहे हैं। यह भी पढ़ें: पंजाब बजट में आज हो सकते हैं ये 5 बड़े ऐलान, नशे की रोकथाम से लेकर हेल्थ स्कीम पर AAP सरकार का फोकस

55 प्रतिशत कॉलेजों में नहीं हैं प्रिंसिपल

उन्होंने आगे कहा कि पहले सरकार ने दावा किया था कि वह किसानों को MSP चुटकियों में देंगे। राज्य की शिक्षा नीति बिल्कुल फेल हो चुकी है। पंजाब में 55 प्रतिशत कॉलेजों में प्रिंसिपल नहीं हैं। इसी तरह के हालात पंजाब के स्कूलों के भी हैं। इस दौरान प्रताप बाजवा ने दावा करते हुए कहा कि सरकार ड्रग सेंसस करवाने जा रही है, हम उसका स्वागत करते हैं। लेकिन इसके साथ डोप टेस्ट को भी जोड़ दिया जाए, जिसकी शुरुआत विधानसभा से होनी चाहिए।


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