पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी निवास पर बातचीत दौरान कहा कि कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में 117 विधानसभा सीटों में से करीब 62 सीटों पर नए चेहरों को मौका देगी. इसके लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया जा चुका है, जो जल्द ही आलाकमान को सौंप दिया जाएगा. सभी नए चेहरे पहली बार चुनाव मैदान का हिस्सा होंगे.
वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी की सोच है कि देश को चलाने में युवाओं की बड़ी भूमिका होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वड़िंग को उठाकर राहुल गांधी ने प्रदेश का अध्यक्ष पद सौंप दिया, उसी तरह वे चाहते हैं कि वड़िंग भी युवा वर्ग को राजनीति में नए अवसर प्रदान करें जिसके लिए राहुल गांधी खुश भी होंगे कि उन्होंने नए लोगों को मौका दिया है, ताकि पंजाब कांग्रेस देश और पंजाब के लिए अच्छा माहौल दे सके और पंजाब में कांग्रेस की सरकार बन सके.
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चरणजीत सिंह चन्नी के बयान को लेकर कांग्रेस में मचे घमासान संबंधी सवाल पूछने पर वड़िंग ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी का बयान पार्टी की विचारधारा के विपरीत है और उन्हें इस प्रकार के बयानों से बचना चाहिए था. चन्नी के बयान से पार्टी को राजनीतिक नुकसान हुआ है या नहीं, इसको लेकर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि पूरे मामले की जानकारी आलाकमान के पास है और इस संबंध में जो कोई फैसला लेना होगा, वह आलाकमान की ओर से लिया जाएगा.
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पीसीसी अध्यक्ष पद को लेकर कई अन्य कांग्रेसी नेताओं की ओर से की जा रही दावेदारी को लेकर वड़िंग ने कहा कि उन्हें पीसीसी अध्यक्ष पद पर लगातार बने रहने में कोई निजी दिलचस्पी नहीं है, लेकिन पार्टी आलाकमान जब तक उन्हें इस पद पर रखना चाहेगी वह पार्टी के लिए दिन-रात काम करते रहेंगे. वड़िंग ने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष पद से हटने के बाद भी वह पार्टी के लिए अपनी सेवाएं देते रहेंगे.
वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा में सभी जाति या धर्म का सम्मान करना सिखाया जाता है, लेकिन जाति और धर्म देखकर किसी को कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाती. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही देश में एक मात्र पार्टी है, जिसके हर एक नेता और कार्यकर्ता को अपनी बात कहने का अधिकार है.
उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा के विपरीत जाने वालों को पार्टी आलाकमान ने हमेशा अनुशासनहीनता माना है. 23 जनवरी को पार्टी आलाकमान की ओर से पंजाब कांग्रेस की सीनियर लीडरशिप को दिल्ली बुलाया गया है और वहां पार्टी को मजबूत करने के साथ-साथ 2027 के चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है.