पटना: नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद जबकि तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली है। दोनों नेताओं को राजभवन में राज्यपाल फागू चौहान ने पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं जबकि तेजस्वी यादव दूसरी बार बिहार के डिप्टी सीएम बने हैं। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पद एवं गोपनियता की शपथ लेने के बाद मंच पर मौजूद नीतीश कुमार के पास पहुंचे और उनके पैर छुकर आशीर्वाद लिया।
कैबिनेट में अन्य कितने मंत्री शपथ लेंगे या फिर उनका शपथ कब होगा, ये फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरमास के बाद अन्य मंत्री कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं।
बता दें कि नीतीश कुमार ने मंगलवार को एनडीए का साथ छोड़ दिया था और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें तेजस्वी यादव ने 164 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था जिसके बाद नीतीश और तेजस्वी ने राजभवन पहुंचकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
नीतीश-तेजस्वी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बिहार के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि यह सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि बिहार का शपथ ग्रहण समारोह है। आज इतिहास ने नया मोड़ ले लिया है।
कब-कब नीतीश कुमार बने मुख्यमंत्री
पहली बार- तीन मार्च 2000
दूसरी बार- 24 नवंबर 2005
तीसरी बार- 25 नवंबर 2010
चौथी बार- 22 फरवरी 2015
पांचवीं बार- 20 नवंबर 2015
छठी बार- 27 जुलाई 2017
सातवीं बार- 25 नवंबर 2020
आठवीं बार- 10 अगस्त 2022
नीतीश पर भाजपा ने साधा निशाना, लगाए कई आरोप
सुशील मोदी ने पटना में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल ने नीतीश कुमार को दो बार जबकि हमलोगों ने उन्हें पांच बार मुख्यमंत्री बनाया। 17 साल का हमारा संबंध था लेकिन दो बार इस संबंध को नीतीश कुमार ने एक झटके में तोड़ दिया। सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा ने आजतक कभी किसी को धोखा नहीं दिया है। सुशील मोदी ने कहा कि ये जो विश्वासघात है ये सिर्फ बिहार की जनता के साथ नहीं है। 2020 में वोट नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मिला, नरेंद्र मोदी ने एक दिन में तीन-तीन चार-चार रैलियां की। 2020 का जनादेश आपके नाम पर नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी के नाम पर मिला।
लालूजी ने पलटूराम कहा था, भाजपा ने नहीं कहा था
सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा ने कभी नीतीश कुमार को पलटूराम नहीं कहा, बल्कि ये नामकरण लालू यादव ने किया था। उन्होंने कहा कि मैं राजद के लोगों को आगाह करना चाहता हूं कि नीतीश कुमार फिर से कभी भी राजद को भी धोखा दे सकते हैं, इसलिए राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं को पहले से भी अधिक सावधान रहने की जरूरत है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि कहा जा रहा है कि JDU को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। शिवसेना का उदाहरण दिया जा रहा है। शिवसेना हमारा सहयोगी दल थोड़ी था, वो वहां सत्ताधारी दल था। हमने सहयोगी दल रहते हुए किसी पार्टी को नहीं तोड़ा। आपको हम तोड़ भी देते तो सरकार कैसे बनती? मोदी ने कहा कि ये सफेद झूठ कि आर.सी.पी. सिंह को बिना पूछे केंद्र में मंत्री बना दिया गया। अगर बिना पूछे मंत्री बना दिया गया तो 1.5 साल तक वे मंत्री कैसे बने रहे, आप (नीतीश) इतने ताकतवर थे कि एक दिन में उनको हटवा सकते थे।
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