Maratha Reservation Protest Updates: महाराष्ट्र के जालना जिले में मराठा आरक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन में तब्दील हो गया। झड़प के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। जिसमें पुलिसकर्मियों समेत दर्जनों लोग घायल हो गए। फायरिंग की खबरें सामने आई, हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। इस घटना के बाद से माहौल तनावपूर्ण है।
मंगलवार से भूख हड़ताल पर लोग
दरअसल, अंतरवली-सरती गांव में मराठा मोर्चा के संयोजक मनोज जारांगे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मंगलवार से आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार की शाम प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस बल पहुंचा था। लेकिन भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने हवा में फायरिंग की, लेकिन अधिकारियों ने इस बात से साफ इंकार किया है।
सीएम बोले- जांच के लिए बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शांति की अपील की और यह भी घोषणा की कि हिंसा की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार समुदाय को आरक्षण देने के लिए कुछ कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फड़नवीस के कार्यकाल के दौरान, राज्य सरकार ने मराठा समुदाय को आरक्षण दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया।
इसलिए भड़की हिंसा
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को आंदोलन हिंसक हो गया क्योंकि कुछ लोगों ने राज्य परिवहन की बसों और निजी वाहनों को निशाना बनाया। पथराव में पुलिस उपाधीक्षक सचिन सांगले सहित कम से कम 18 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए, जबकि अंतरवाली सारथी में लाठीचार्ज में 20 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों से बात की थी और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने मांग की कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरवाली सारथी गांव में पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज अस्वीकार्य है। शिवसेना-भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि वह समुदाय को आरक्षण देने के लिए क्या कदम उठाने जा रही है।
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