Maratha reservation movement: महाराष्ट्र की शिंदे सरकार मराठा आरक्षण आंदोलन के सामने झुक गई है। सरकार ने आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल व अन्य आंदोलनकारियों की सभी मांगे मान ली हैं। जिसके बाद आज मनोज जरांगे ने अपना अनशन खत्म करने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार इसके लिए वाशी के शिवाजी चौक में एक सभा का आयोजन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, मंत्री दीपक केसरकर, मंगल प्रभात लोढ़ा समेत अन्य राजनीतिक और मराठा आरक्षण से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। इस दौरान जूस पिलाकर जारंगे का अनशन खत्म किया जाएगा।
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जरांगे नही जाएंगे आजाद मैदान
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जानकारी के अनुसार मनोज जरांगे पाटिल आजाद मैदान नही जाएंगे। मीडिया में दिए बयान में उन्होंने कहा कि जीत का गुलाल उड़ाने और जश्न मनाने के लिए जल्द ही एक मैदान को चिन्हित कर तारीख तय की जाएगी। बता दें मराठा आरक्षण कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार को अपनी सभी मांगे मानने के लिए 27 जनवरी को 11 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। इससे पहले शुक्रावर को मुख्यमंत्री आवास पर सरकार के मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में आरक्षण से जुड़ी मांगे मान ली गई। बैठक के बाद सरकार का एक शिष्टमंडल अध्यादेश लेकर मनोज जरांगे पाटिल से मिलने गया।
जानें मनोज जरांगे और सरकार के बीच किन मुद्दों पर बनी है सहमति
- मराठा समुदाय के 54 लाख लोगों को उनके कुनबी रिकॉर्ड के अनुसार जाति प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे
- 54 लाख अभिलेखों के अनुसार वंशावली का मिलान कर यह प्रमाणपत्र दिए जाएंगे
- 37 लाख लोगों को प्रमाणपत्र दिये जा चुके हैं। अगले कुछ दिन में मराठा प्रदर्शनकारियों की जानकारी सरकार को दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें भी प्रमाण पत्र दिए जाएंगे
- शिंदे समिति रद्द नहीं होगी, समिति मराठों के कुनबी अभिलेखों की खोज जारी रखेगी। समिति की अवधि सरकार ने दो माह बढ़ा दी है।
- जिन लोगों का पंजीकरण हुआ है उनके निकटतम परिवार के सदस्यों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
- अंतरावाली समेत महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर मराठा आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे तय प्रक्रिया के तहत वापस लिए जाएंगे।