TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

क्यों किडनी बेचने को मजबूर हुए महाराष्ट्र के एक परिवार के 5 सदस्य? विज्ञापन तक निकाल दिया

इंद्रजीत सिंह, महाराष्ट्र Maharashtra Family Advertised To Sale Kidney: एक परिवार के 5 सदस्य अपनी किडनी बेचना चाहते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने किडनी बेचने के लिए विज्ञापन तक निकाल दिया है। विज्ञापन वायरल हुआ, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पीड़ित […]

Kidney Seller Family
इंद्रजीत सिंह, महाराष्ट्र Maharashtra Family Advertised To Sale Kidney: एक परिवार के 5 सदस्य अपनी किडनी बेचना चाहते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने किडनी बेचने के लिए विज्ञापन तक निकाल दिया है। विज्ञापन वायरल हुआ, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पीड़ित परिवार तक पहुंचे तो विज्ञापन निकालने का असली सच सामने आया। मामला महाराष्ट्र के नांदेड़ का है। विज्ञापन रूपी पोस्टर कलेक्टर ऑफिस के सामने लगे मिले। यह भी पढ़ें: Watch Video: कार के इंजन में 6 फीट लंबा अजगर, 90 मिनट चला रेस्क्यू ऑपरेशन सांप काटने के इलाज के लिए पैसे लिए थे नांदेड़ पुलिस के अनुसार, परिवार कर्ज से पीड़ित है। साहूकार उसे परेशान कर रहा है। उन्होंने 2 लाख का कर्ज लिया था, लेकिन कर्ज से अधिक चुकाने के बावजूद साहूकार ब्याज के लिए महिला के पति के साथ मारपीट कर रहा था। कुछ साल पहले नांदेड़ जिले के मुदखेड़ तालुका की रहने वाली सत्यभामा चंचुलवाड के पति बालाजी चंचुलवाड को सांप ने काट लिया था। उसके इलाज के लिए सत्यभामा ने साहूकार अमोल चौदांते, भीमा चौदांते और राहुल चौदांते से ब्याज पर 2 लाख रुपए उधार लिए थे, जो चुका दिए गए थे। यह भी पढ़ें: दिहाड़ी मजदूर की लगी ‘लॉटरी’; रातोंरात बना ‘अरबपति’; खाते में आए 221 करोड़

कलेक्टर ऑफिस के बाहर पोस्टर लगाया

पुलिस के अनुसार, ब्याज के पैसों के लिए साहूकारों अब मारपीट कर रहा है। सत्यभामा के बेटे सिद्धांत और बेटी सृष्टि ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को 3 जुलाई 2021 को एक पत्र लिखा। इसमें साहूकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में इच्छामृत्यु की अनुमति देने को कहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। साहूकार के डर के मारे परिवार पिछले ढाई साल से मुंबई में रहने लगा था। तंग आकर 2 दिन पहले नांदेड़ के कलेक्टर कार्यालय के बाहर परिवार ने 5 किडनियां बेचने का पोस्टर लगाया। यह भी पढ़ें: वो 7 संकेत, जिनसे बचपन में ही पता चल जाएगा कि बच्चा समलैंगिक है, मां-बाप कैसे करें डील?

पुलिस ने परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया

परिवार का कहना है कि साहूकार उन्हें तलाश रहा है। उससे उन्हें जान का खतरा है, इसलिए वे किडनियां बेचकर उसका कर्ज चुकाना चाहते हैं, ताकि बची खुची जिंदगी आराम से बिना डर के जी सकें। नांदेड़ पुलिस पोस्टर देखकर उनके घर आई। उसी समय पुलिस ने बयान दर्ज करके जांच शुरू की। वहीं पुलिस से सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद परिवार नांदेड़ आ गया है। परिवार ने मामले में कार्रवाई के लिए एक पत्र राज्य सरकार को भी दिया है। मुदखेड़ पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक वसंत सप्रे केस की जांच कर रहे हैं।


Topics: