लिस स्टेशन में हाई वोल्टेज ड्रामा
इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इसमें भाजपा नेता गोपीचंद पड़लकर के समर्थक सर्जेराव बबन टकले और जितेंद्र आव्हाड के कार्यकर्ता नितिन देशमुख को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले को लेकर रात भर विधानसभा के परिसर और मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ।
क्या बोले विधायक जितेंद्र आव्हाड?
जैसे ही पुलिस ने नितिन देशमुख को गिरफ्तार किया, एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड भड़क गए। उन्होंने पुलिस की गाड़ी रोकी, गाड़ी के नीचे घुसने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने पुलिस स्टेशन में भी जमकर हंगामा किया है। जितेंद्र आव्हाड ने आरोप लगाया है कि उन्होंने जिस तरह से इशारे किए, यह सब साफ तौर पर पहले ही प्लान था। जब वह मुझ तक नहीं पहुंच पाए तो उन्होंने मेरे पार्टी कार्यकर्ता पर हमला किया। जो बात सच में दुखद है वह यह है कि केवल दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी लोग कहां हैं? सरकार हमलावरों का समर्थन कर रही है और आरोपियों को नहीं पकड़ सकती है। यह भी पढ़ें: बाल नोचे, शर्ट फाड़ी और मारे चांटे… महाराष्ट्र विधानसभा की लॉबी में भिड़े विधायकों के कार्यकर्तामहाराष्ट्र विधानसभा में इनकी एंट्री बैन
विधानसभा की लॉबी में दो पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई फ्री स्टाइल में मारामारी पर महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सख्त रुख अपनाया है। विधानसभा में विधायकों के साथ अब उनके PA को छोड़कर किसी भी कार्यकर्ताओं को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा अब किसी भी पार्टी की बैठक विधानभवन परिसर में नहीं होगी। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में हुई झड़प पर क्या बोले स्पीकर? सामने आई झगड़े की असली वजहमामले पर क्या बोले सीएम फडणवीस
इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि विधानसभा की लॉबी में हुई मारपीट की घटना को राजनीतिक रंग ना दिया जाए, क्योंकि ये बिल्कुल सही नहीं है। ये सिर्फ दो विधायकों का मुद्दा नहीं है, यह हम सभी विधायकों का मामला है, सभी विधायकों की गरिमा का प्रश्न है। आज हम सभी लोगों को बाहर सभी को शक भरी नजरों से देखा जा रहा है। इस दौरान उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विधानसभा पर किसी का मालिकाना हक नहीं है, न विधानसभा के अध्यक्ष का, ना मंत्री का और ना ही विधायक का। इस मामले में मारपीट करने वाले नीतीश देशमुख पर आठ मामले पहले दर्ज हैं, जबकि सार्जेराव बबन टकले के खिलाफ 6 केस दर्ज हैं। ऐसे लोग विधानसभा में आकर मारपीट कर रहे हैं, यह चिंताजनक है।---विज्ञापन---