अगर आप मोबाइल पर किसी डेटिंग ऐप के जरिए नए रिश्ते तलाश रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। डिजिटल दोस्ती, भरोसे और भावनाओं की आड़ में देशभर में एक ऐसा संगठित साइबर ठगी रैकेट सक्रिय था, जिसने सैकड़ों लोगों को अपनी जिंदगी की कमाई से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया।
महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके से इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने कम से कम 11 राज्यों में 51 मामलों को अंजाम दिया, जबकि पुलिस को आशंका है कि पीड़ितों की असली संख्या 450 से 500 के बीच हो सकती है। ठगी की अनुमानित रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
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रिश्तों से भरोसा, भरोसे से ठगी
जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर और मनोवैज्ञानिक तरीके से लोगों को निशाना बनाते थे। डेटिंग और मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर आकर्षक फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती की जाती थी। फिर धीरे-धीरे भावनात्मक रिश्ता मजबूत किया जाता और उसी भरोसे को हथियार बनाकर इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाल बिछाया जाता।
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फर्जी वेबसाइट, असली लालच
शेयर बाजार, गोल्ड ट्रेडिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग में तेज और गारंटीड मुनाफे के दावे किए जाते थे। इसके लिए गिरोह ने कई नकली लेकिन पूरी तरह प्रोफेशनल दिखने वाली इन्वेस्टमेंट वेबसाइट्स बना रखी थीं। इन वेबसाइट्स का बड़े पैमाने पर इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रचार किया जाता था। एक बार जैसे ही कोई पीड़ित इन वेबसाइट्स पर पैसा ट्रांसफर करता, वह रकम हमेशा के लिए गायब हो जाती। जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से जुटाई गई रकम को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेज दिया जाता था, ताकि पैसों की डिजिटल ट्रेल पकड़ में न आए।
होटल रूम में बनाया कंट्रोल रूम
यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार लोकेशन बदलते रहते थे। लेकिन 12 नवंबर की तारीख को मीरा रोड हाईवे स्थित एक होटल से ठगी की गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस ने छापा मारा और पांच आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, सैकड़ों सिम कार्ड और अहम दस्तावेज लगे हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी पढ़े-लिखे, टेक-सेवी और सोशल मीडिया के एक्सपर्ट हैं।
58 करोड़ की पुष्टि, आंकड़ा और बढ़ने की आशंका
अब तक की जांच में पुलिस ने 51 मामलों को सुलझाया है, जिनमें 58 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम दोनों में बड़ा इज़ाफा हो सकता है। कई संदिग्ध बैंक खातों को सीज़ कर डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है।
दुबई से ऑपरेट कर रहा था सरगना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पूरे रैकेट का संचालन अब्दुल सत्तार नामक शख्स कर रहा था, जो दुबई से गिरोह को कंट्रोल कर रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में अभी और भी लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस मामले में अब तक जिन 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें रोशन शेट्टी (BA), साबिर खान, सनद दास (MBA), आमिर शेर खान, राहुल कुमार, मोहम्मद बलोच, अभिषेक शामिल हैं।
राज्यवार ठगी के मामले
महाराष्ट्र – 18
दिल्ली – 8
कर्नाटक – 8
राजस्थान – 1
गोवा – 1
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें। आकर्षक रिटर्न के वादों से सतर्क रहें और किसी भी तरह की शंका होने पर तुरंत साइबर सेल या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
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