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मुंबई के पास महिला एग रैकेट का भंडाफोड़, 40 से ज्यादा महिलाओं को बनाया गया शिकार 3 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ी

महाराष्ट्र के बदलापुर में कथित महिला एग रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें अब तक 40 से अधिक महिलाओं के शिकार होने की पुष्टि हुई है.पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है, जबकि कुछ डॉक्टरों और संभावित इंटर-स्टेट कनेक्शन की भी जांच जारी है. पढ़ें, मुंबई से राहुल पांडे की रिपोर्ट

मुंबई के पास महाराष्ट्र के बदलापुर में कथित “फीमेल सीमेन सेल” रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में अब तक 40 महिलाओं के शिकार होने की पुष्टि हुई है, जबकि शिकार महिलाओं की संख्या सैकड़ों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. मामले में तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. जांच के दायरे में कुछ बड़े डॉक्टरों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी संभव बताई जा रही है.

ऐसे चलता था रैकेट

प्रारंभिक जांच के अनुसार, गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को 25 से 35 हजार रुपये का लालच देकर “फीमेल सीमेन” निकालने के लिए तैयार किया जाता था. आरोप है कि महिलाओं को सीमेन बढ़ाने के नाम पर इंजेक्शन दिए जाते थे, फिर उन्हें अस्पताल ले जाकर डॉक्टरों द्वारा सीमेन निकाला जाता था और बाद में राष्ट्रीय स्तर पर बेचा जाता था.
यह कथित गतिविधियां अंबरनाथ और उल्हासनगर के कुछ अस्पतालों तक फैली होने की बात सामने आई है.

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तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, कईयों पर गिरफ्तारी की तलवार !

पुलिस ने बदलापुर के ज्युवेली गांव स्थित नैनो सिटी सोसायटी में छापा मारकर सुलक्षणा गाडेकर के घर से सीमेन बढ़ाने वाले इंजेक्शन बरामद किए. इस मामले में सुलक्षणा गाडेकर, अश्विनी चाबुकस्वार और मंजूषा वानखेड़े को गिरफ्तार किया गया है. तीनों को अदालत ने सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है. पुलिस सूत्रों की माने तो इस रैकेट में और भी कई नाम हो सकते हैं.

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कई डॉक्टरों की भूमिका भी जांच के दायर में

सचिन गोरे डीसीपी, उल्हासनगर ने बताया कि कुछ अस्पतालों के डॉक्टरों की भूमिका अहम पाई गई है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रैकेट का इंटर-स्टेट या अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन तो नहीं है. फिलहाल शुरुआती जांच में इंटर-स्टेट नेटवर्क की आशंका जताई गई है.

कैसे हुआ इस रैकेट का भंडाफोड़

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला को सीमेन बेचने के बदले तय रकम नहीं मिली. उसने सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की. जांच में यह भी सामने आया है कि एक महिला सीमेन बढ़ाने की प्रक्रिया केवल एक बार करवा सकती है, लेकिन आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में हेरफेर कर कुछ महिलाओं से बार-बार यह प्रक्रिया करवाई गई. सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि क्या इस रैकेट के तार देश से बाहर तक जुड़े हैं? पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं.


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