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औरंगजेब की कब्र पर थ्री लेयर सिक्योरिटी, हिंदू संगठन आज करेंगे आंदोलन, BJP-कांग्रेस में भी बढ़ी तकरार

महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र पर छिड़ा विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। वहीं बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद भी आंदोलन करने को तैयार हैं। संजय राउत और विपक्षी दल भी लगातार बयानबाजी करके सत्तारूढ़ गठबंधन को लगातार निशाने पर ले रहे हैं।

Aurangzeb Tomb
Aurangzeb Tomb Clash: महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र पर छिड़ा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। मुद्दे को लेकर जहां भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हो गई हैं, वहीं बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने भी बवाल काटा हुआ है। दूसरी ओर संजय राउत लगातार मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं। शिवसेना UBT के नेता संजय राउत का मुद्दे पर बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का इतिहास छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ा है। राज्य शिवाजी महाराज के नाम से चलता है, लेकिन उनके विचारों पर चल रहा है क्या? यह बड़ा सवाल है। शिवाजी महाराज सभी जाति धर्म के लोगों को मानते थे, अन्य के खिलाफ खड़े रहते थे। उनकी पहली लड़ाई चंद्रभान मोरे से हुई थी, आसपास के गद्दारों से हुई थी। इस समय राज्य का माहौल खराब करके लोगों की मुश्किल बढ़ाई जा रही है। महाराष्ट्र सरकार के 7 से 8 मंत्री माहौल खराब करने में लगे हैं, एक एक करके इनका विकेट गिरेगा, क्योंकि भाजपा के ही लोग इनके खिलाफ हम लोगों को सबूत मुहैया करा रहे हैं।  

बजरंग दल और VHP का चक्का जाम का ऐलान

दूसरी और, औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहे हिंदू संगठनों बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने अलग से हंगामा किया हुआ है। दोनों दलों ने आज पूरे राज्य में आंदोलन और चक्का जाम करने का ऐलान किया हुआ है। दोनों दल संभाजीनगर के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। आज शाम 6 बजे अंधेरी लिंक रोड पर विरोध प्रदर्शन होगा। पूरे महाराष्ट्र में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल का आज का आंदोलन देखते हुए औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा बढ़ाई गई है।  बड़ी संख्या में कब्र के आसपास SRPF और लोकल पुलिस को तैनात किया गया है। कब्र के आसपास 50 पुलिस वालों को तैनात किया गया है, जिसमें पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम भी शामिल है। एंट्री पॉइंट पर गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई गलत इरादे से कब्र के पास न पहुंचे। बीते दिन दोनों हिंदू संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके प्रदेश CM देवेंद्र फडणवीस को अल्टीमेटम दिया था कि सरकार औरंगजेब की कब्र को जल्दी हटाए। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो दोनों संगठन मिलकर बाबरी मस्जिद की तरह कारसेवा करके कब्र को तोड़ देंगे। इसके लिए महाराष्ट्र की सरकार ही जिम्मेदार होगी। जो भी अंजाम होगा, वह सरकार ही भुगतेगी।  

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर मचा हंगामा

बता दें कि पूरे विवाद के बीच महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल के एक बयान ने भी हंगामा मचा रखा है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेद्र फडणवीस के कार्यकाल की तुलना औरंगजेब के शासन से की और दोनों को 'क्रूर' और 'धर्म का शोषण करने वाला' बताया। उन्होंने संतोष देशमुख की हत्या और महिला सुरक्षा चिंताओं को मुख्यमंत्री की विफलताओं का सबूत बताया।  


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