अजित पवार विमान हादसे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एनसीपी ने मंगलवार को इस पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपा. इस बीच एनसीपी शरद चंद्र पवार पार्टी के नेता रोहित पवार ने 'दुर्घटना या साजिश?' नाम से प्रेस कॉन्फ्रेंस की और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए.
इस दौरान उन्होंने ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने, फ्यूल टैंक में विस्फोट और विमान संचालन से जुड़े कई तकनीकी पहलुओं पर डिटेल प्रेजेंटेशन पेश किया.
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अजित पवार विमान हादसे को लेकर सवाल उठने लगे हैं. इस सवाल को तब और बल मिला जब डीजीसीए की जांच में ब्लैक बॉक्स के नुकसान होने की खबर सामने आई. इसके बाद एनसीपी नेताओं ने उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर CBI जांच की मांग दोहराई.
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मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखेगी और एनसीपी की मांग पर आवश्यक कदम उठाएगी.
एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद प्रफुल्ल पटेल, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और युवा नेता पार्थ पवार प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे.
इसके बाद रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर ब्लैक बॉक्स पर सवाल खड़े किए. रोहित पवार ने कहा कि ब्लैक बॉक्स 1100 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान में भी एक घंटे तक सुरक्षित रह सकता है. फिर यह कैसे क्षतिग्रस्त हुआ? उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स दो लेयर के भीतर सुरक्षित रहता है और देश-विदेश में कई उदाहरण हैं जहां बड़े हादसों में भी यह सुरक्षित रहा.
फ्यूल टैंक विस्फोट पर शंका: उनका कहना है कि विमान जमीन पर गिरने के बाद भी इतना बड़ा विस्फोट कैसे हुआ, फ्यूल टैंक फुल क्यों था और विमान में दो फ्यूल कैन क्यों रखा था.
रोहित पवार ने सवाल उठाया कि विजिबिलिटी कम थी इसके बावजूद लैंडिंग परमिशन कैसे दी गई.
पायलट और ऑपरेशन संबंधी मुद्दे: उन्होंने आरोप लगाया कि लेयर जेट उड़ाने वाले पायलट को दूसरा विमान नहीं चलाने दिया जाता, लेकिन कपूर दोनों विमान उड़ा रहा था. उड़ान से पहले पायलट का अल्कोहल टेस्ट होता है और उसका वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है — क्या यह प्रक्रिया पूरी की गई?
विमान की उड़ान सीमा पर सवाल:
रोहित पवार ने दावा किया कि विमान 4,915 घंटे उड़ चुका था, जबकि सीमा 5000 घंटे की है. उनकी जानकारी के अनुसार यह 8000 घंटे तक उड़ चुका था और रीडिंग टेम्पर्ड की गई थी. ऐसे में वीआईपी होने के बावजूद दादा को यह विमान क्यों दिया गया?
रोहित पवार ने VSR कंपनी पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लेयर जेट भारत में रजिस्टर्ड नहीं हो सकता, फिर इसे कैसे रजिस्टर किया गया?
CVR (कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर) में सिर्फ 30 मिनट की रिकॉर्डिंग होती है, जबकि भारत में रजिस्ट्रेशन के लिए नियम दो घंटे की रिकॉर्डिंग का है — ऐसा क्यों?
रिपोर्ट में देरी क्यों?
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कहीं पायलट पर दबाव बनाकर दुर्घटना तो नहीं करवाई गई?
नागरिक उड्डयन मंत्री पर सवाल:
रोहित पवार ने कहा कि यदि मंत्री कंपनी को क्लीन चिट दे रहे हैं, तो क्या वे विमान मालिक को बचा रहे हैं?