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अजीत की ‘घर वापसी’ तय! लेकिन पवार ने रखी शर्त, महाराष्ट्र में खेला होना तय!

Ajit Pawar News: एनसीपी (एसपी) के नेता शरद पवार ने साफ कर दिया है कि 'पवार परिवार' में अजीत पवार की वापसी हो सकती है।

आरएसएस ने दबाव बनाए रखा तो अजीत पवार की 'घर वापसी' तय है।
Maharashtra News: महाराष्ट्र की राजनीति में अजीत पवार की घर वापसी तय है। शरद पवार ने साफ कर दिया है कि अजीत पवार की परिवार में वापसी हो सकती है। लेकिन क्या पार्टी में भी वापसी होगी? इस पर शरद पवार ने शर्तें लागू कर दी हैं। शरद पवार ने कहा है कि 'अजीत परिवार के लिए घर में जगह तो है, लेकिन पार्टी में वापसी होगी कि नहीं, यह पार्टी के उन नेताओं से बातचीत के बाद तय होगा, जो संकट के समय मेरे (शरद पवार) साथ बने रहें।' जाहिर है कि परिवार के मुखिया के तौर पर शरद पवार के इस बयान के बहुत मायने हैं। महाराष्ट्र के पावर कॉरिडोर में अजीत पवार की 'घर वापसी' की चर्चाएं बहुत तेज हैं। कारण ये है कि बीते दिनों में पवार परिवार में मुलाकातों का सिलसिला बढ़ गया है। पहले एनसीपी (शरद) की लोकसभा सांसद सुप्रियो सुले ने अजीत पवार की मां से मुलाकात की थी, जबकि अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा ने पुणे में शरद पवार से मुलाकात की थी। हाल ही में सुनेत्रा राज्यसभा के लिए चुनी गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पवार परिवार का मानना है कि महाराष्ट्र के हित में चाचा-भतीजा को एक साथ आना चाहिए। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर, पांचजन्य और मराठी मुखपत्र विवेक ने लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में बीजेपी की हार के लिए अजीत पवार को जिम्मेदार ठहराया है। आरएसएस लगातार बीजेपी पर अजीत पवार से संबंध तोड़ने के लिए दबाव बना रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरएसएस और बीजेपी का मानना है कि 'महाराष्ट्र सरकार में अजीत पवार को शामिल करने से बीजेपी की छवि और सियासी संभावनाओं को झटका लगा है। अगर बीजेपी सरकार में वापस लौटना चाहती है तो उसे अजीत पवार से गठबंधन तोड़ना होगा। और आरएसएस ने दबाव बनाए रखा तो अजीत पवार को अपने चाचा के पास लौटना होगा।' अजीत पवार की 'घर वापसी' की अटकलें इसलिए भी जोरों पर हैं, क्योंकि छगन भुजबल के साथ मुलाकात पर शरद पवार ने चुप्पी तोड़ी है। सीनियर पवार ने पुणे में अपने आवास पर कहा कि 'मैं उनसे नहीं मिलना चाहता था। लेकिन भुजबल ने जिद पकड़ ली कि जब तक वह शरद पवार से मिलेंगे नहीं, तब तक जाएंगे नहीं। लिहाजा मुझे मिलना पड़ा।' शरद पवार ने कहा, 'भुजबल ने मुझसे कहा कि जो बीत गया सो बीत गया। राजनेताओं को दो समुदायों को साथ लाने के लिए काम करना चाहिए।' सीनियर पवार के बयान से स्पष्ट है कि भुजबल की मंशा क्या थी, और अजीत पवार कैंप में क्या चल रहा है। आने वाले दिनों में अजीत पवार की घर वापसी होती है तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।


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