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‘MVA से पहले NDA टूटेगा’, एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आदित्य ठाकरे बोले, मुद्दा जीत-हार नहीं‘

Aditya Thackeray exclusive interview: शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. आदित्य ठाकरे ने न्यूज 24 में मानक गुप्ता को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि अगर एसआईआर का उद्देश्य फर्जी वोटर हटाना है, तो यह सही कदम है, लेकिन इसे नागरिकता साबित करने का औजार बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.

Aditya Thackeray exclusive interview: शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति, नगर निगम चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर उठते सवालों पर खुलकर बात की. न्यूज 24 में मानक गुप्ता को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आदित्य ठाकरे ने कहा कि लंबे समय तक चुनाव न होने से शहरी मुद्दे हाशिए पर चले गए और अब उन्हें दोबारा केंद्र में लाने की जरूरत है. बीएमसी और नगर निकाय चुनावों को आदित्य ठाकरे ने गटर, पानी और मीटर का चुनाव बताते हुए कहा कि यह चुनाव किसी वैचारिक या राष्ट्रीय मुद्दे पर नहीं, बल्कि मुंबई की रोजमर्रा की जरूरतों पर होना चाहिए. आदित्य ठाकरे बार-बार इस बात पर जोर देते दिखे कि “वोट चोरी” को उन्होंने कभी राजनीतिक नारा नहीं बनाया. उनका कहना था कि पिछले तीन महीनों में शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों की मदद की ताकि अगर किसी का नाम डबल या ट्रिपल दर्ज है तो उसे सही कराया जा सके.

SIR के बाद एक भी विदेशी नागरिक नहीं पकड़ा

आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि बिहार सहित देश के किसी भी हिस्से में SIR के बाद एक भी विदेशी नागरिक पकड़े जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई. इसके बावजूद, चुनावी बहस को डर और शक की राजनीति की ओर मोड़ा जा रहा है. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि लोकसभा चुनाव से पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सार्वजनिक की गई थी, जिस पर आपत्तियां दर्ज की जा सकती थीं, जबकि विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रक्रिया प्रभावी ढंग से नहीं अपनाई गई. बीएमसी चुनाव से पहले जारी ड्राफ्ट रोल में फिर वही पुरानी गड़बड़ियां दिखाई दे रही हैं. ईवीएम बनाम बैलेट के सवाल पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि मतदाता को यह जानने का अधिकार होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और सही जगह दर्ज हो रहा है. उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में भरोसा किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है.

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संजय राउत के मुंबई बंद वाले बयान पर दी सफाई

संजय राउत के “10 मिनट में मुंबई बंद” वाले बयान पर आदित्य ठाकरे ने सफाई देते हुए कहा कि शिवसेना कभी अराजकता की राजनीति नहीं करती. उनका दावा था कि अतीत में भी पार्टी ने मुंबई की सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी है. एकनाथ शिंदे प्रकरण पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों का राजनीतिक इस्तेमाल हुआ, जबकि उद्धव ठाकरे ने टकराव से बचने का फैसला लिया. राहुल गांधी की वोट चोरी संबंधी पहल पर उन्होंने कहा कि अकल की नकल हो सकती है. अगर कहीं चुनावी गड़बड़ी पकड़ने का मॉडल है, तो उसे अपनाने में कोई बुराई नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा खुद बंगाल में एसआईआर और वोटर लिस्ट पर सवाल उठा रही है.

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यह सत्ता का नहीं, सिस्टम का चुनाव है

शिवसेना (यूबीटी) के एजेंडे पर बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने यह संदेश देने की कोशिश की कि मुंबई का चुनाव किसी वैचारिक या भावनात्मक ध्रुवीकरण से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की नागरिक जरूरतों से जुड़ा है. यह रणनीति शहरी मतदाता को सीधे प्रभावित करने की क्षमता रखती है, जो लंबे समय से स्थानीय प्रशासन और बुनियादी सेवाओं को लेकर असंतोष जाहिर करता रहा है. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) का अभियान दो बातों पर केंद्रित है, पिछले 25 साल का काम और आगे की योजना. अंत में आदित्य ठाकरे ने दो टूक कहा, चुनाव जीतना या हारना अलग बात है, लेकिन चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए. अगर आज यह गड़बड़ी हमारे साथ है तो कल किसी और के साथ भी हो सकती है.


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