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मरीज को लेने भेजी गईं दो एम्बुलेंस, दोनों कीचड़ में फंसीं, फिर इस तरह तय किया 5 किलोमीटर का सफर

Indore: कई गांवों में आज भी सड़कें खस्ताहाल हैं। आलम यह है कि इन सड़कों की वजह से मरीजों की जान खतरे में आ जाती है। अलीराजपुर जिले में कट्ठीवाड़ा ब्लॉक के जैतपुरा गांव में 40 वर्षीय मरीज की सांसें एम्बुलेंस के इंतजार में अटकी रहीं। दरअसल, एम्बुलेंस खस्ताहाल सड़क की वजह से मरीज के […]

Alirajpur
Indore: कई गांवों में आज भी सड़कें खस्ताहाल हैं। आलम यह है कि इन सड़कों की वजह से मरीजों की जान खतरे में आ जाती है। अलीराजपुर जिले में कट्ठीवाड़ा ब्लॉक के जैतपुरा गांव में 40 वर्षीय मरीज की सांसें एम्बुलेंस के इंतजार में अटकी रहीं। दरअसल, एम्बुलेंस खस्ताहाल सड़क की वजह से मरीज के घर तक नहीं पहुंच पाईं। इसके बाद उसे एम्बुलेंस तक पहुंचने के लिए लगभग पांच किलोमीटर तक अस्थायी झूले पर ले जाना पड़ा। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गईं।

दोनों एम्बुलेंस कीचड़ में फंसीं

घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे की है। यहां स्थानीय निवासी गुप सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनके रिश्तेदारों ने एक एम्बुलेंस को बुलाया, लेकिन वह गांव की ओर जाने वाली कच्ची सड़क पर फंस गई। तमाम कोशिशों के बावजूद एम्बुलेंस फंसी रही जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी एम्बुलेंस भेजी, लेकिन वह भी फंस गई। लंबे इंतजार के बाद ग्रामीणों ने पहल की और मरीज को एम्बुलेंस तक ले जाने का फैसला किया। उन्होंने एक लकड़ी और कपड़े से एक झूला बनाया और लगभग पांच किलोमीटर तक चलकर उसे एम्बुलेंस तक पहुंचाया। सिविल सर्जन डॉ. प्रशांत ढोके ने टीओआई को बताया, घटना सोमवार दोपहर की है। मरीज के लिए दो एंबुलेंस वहां गईं, लेकिन वे कीचड़ में फंस गईं और गांव तक नहीं पहुंच सकीं।

बुनियादी सेवाओं को तरसते ग्रामीण 

डॉ. ढोके ने कहा- ये जिले के दूरदराज के गांव हैं, जहां हर मौसम के हिसाब से सड़क नहीं है। ब्लॉक के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग गुजरात से होकर गुजरने वाली सड़क से ही गुजरते हैं। इन ग्रामीणों को स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए लगभग 25 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। वे दशकों से सड़कों की मांग कर रहे हैं, लेकिन कभी भी बेहतर सड़क का निर्माण नहीं किया गया।


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