Madhya Pradesh Cyber Tehsil: मध्य प्रदेश में भाजपा की मोहन यादव सरकार प्रदेश के लोगों की जीवन और कार्यों को आसान बनाने का हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में आज लगभग हर सरकारी काम कागज से डिजिटल पर शिफ्ट हो गया है, जो नहीं हुए उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब तहसील कार्य और जमीन खरीद-बिक्री भी शामिल हो गई है।

नहीं काटने होंगे तहसील के चक्कर

अब लोगों को जमीन खरीदने और बेचने के लिए तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब लोग आसानी से जमीन का नामांतरण और सरकारी खाते में नाम चढ़वा सकते हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के राजस्व प्रशासन में साइबर तहसील व्यवस्था के जरिए नागरिकों की जिंदगी में काफी अच्छा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही तहसील का सारा काम धीरे-धीरे पेपरलेस जाएगा।

15 से 17 दिनों में होगा निराकरण

इस साइबर तहसील से सीएम मोहन यादव की इच्छा के मुताबिक अब राज्य में राजस्व मामलों का निराकरण भी कम समय में हो जाएगा। साइबर तहसील में आमतौर पर किसी भी मामले का गुणवत्तापूर्ण निराकरण 15 से 17 दिनों में हो जाएगा, जिसमें अभी करीब 60 दिनों का समय लग रहा है। यह भी पढ़ें: खाने की चीजों में मिलावट करने वाले हो जाएं सावधान, मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार चला रही अभियान

ऐसे होगा साइबर तहसील में काम

जानकारी के अनुसार, साइबर तहसील में 4 अलग-अलग प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें भूलेख पोर्टल, संपदा पोर्टल और राजस्व प्रकरण प्रबंधन व्यवस्था के पोर्टल शामिल हैं। इसके अलावा साइबर तहसील के जरिए रजिस्ट्रेशन से लेकर नामांतरण तक की सारी प्रक्रिया लागू कर दी गई है। साइबर तहसील में लोग रजिस्ट्री के बाद बिना किसी आवेदन के हुए नामांतरण का प्रखंड दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा जमीन बेचने और खरीदने वाले को नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में उपस्थित होने, पेशी पर आने की जरूरत ही नहीं होगी। यह पूरा प्रोसेस फेसलेस और पेपरलेस होगा।