Sickle Cell Anemia Screening Camp: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल सोमवार को भोपाल के कमला नेहरू गार्ल्स कॉलेज छात्रावास में सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग शिविर में शामिल हुए। इस दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ पीढ़ी के लिए विवाह पूर्व जन्म कुंडली मिलाने से ज्यादा जरूरी सिकल सेल जेनेटिक काऊंसलिंग कार्ड का मिलान करना है। क्योंकि सिकल सेल रोगी और वाहक आपस में विवाह करते हैं, तो उनकी सन्तान भी सिकल सेल रोग से ग्रसित होगी।
राज्यपाल ने सिकल सेल एनीमिया रोगियों को खान-पान में विशेष ध्यान रखने और घर में बना भोजन ही करने की सलाह दी। उन्हें रेगुलर तौर पर पौष्टिक आहार लेने, योग और व्यायाम करने की भी सलाह दी। जनजातीय कार्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित शिविर में मंत्री विजय शाह भी उपस्थित रहे।
मेडिकल काउंसलिंग जरूरी
राज्यपाल ने कहा, सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम के लिए गर्भधारण के पूर्व और गर्भावस्था के दौरान मेडिकल काउंसलिंग जरूरी है। जन्म से 72 घंटों के दौरान सिकल सेल का उपचार संभव है। केन्द्र और राज्य सरकार सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए विशेष प्रयास कर रही है। राज्यपाल पटेल ने बेटियों से आह्वान किया कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए वह आगे आएं।
अपने करीबियों, रिश्तेदारों और आस-पड़ोस के लोगों को इस बारे में जानकारी दें। रक्त की जांच कराने को कहें। राज्यपाल ने उपस्थित जनों से इस दिशा में सक्रिय योगदान की अपील की है। कहा, मानवता की सेवा के संवेदनशील रहें। 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाने में सामूहिक सहभागिता निभाएं।
हर महीने होगी जांच- मंत्री विजय शाह
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा, कहा राज्यपाल जनजातीय वर्ग के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। उनके प्रयासों से ही प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन का कार्य मिशन मोड पर है। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हम ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि जनजाति छात्रावासों में हर महीने एक नर्स जाएगी और बच्चों के रक्त की जांच करेगी।
72 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी
स्क्रीनिंग कैम्प में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission in Screening Camp) की उप संचालक डॉ. रूबी खान ने स्क्रीनिंग शिविर के उद्देश्यों और सिकल सेल रोग के लक्षणों, रोग की पहचान, रोकथाम और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत अब तक प्रदेश में 72 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मिशन के लक्ष्य के तहत एक करोड़ लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जानी है। कार्यक्रम में कन्या महाविद्यालय छात्रावास की सिकल सेल एनीमिया पॉजिटिव छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने दिया। आभार जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त श्री नरोत्तम वरकडे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में राजभवन के जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव अमरपाल सिंह, जनजातीय कार्य विभाग की उप सचिव एवं संचालक, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं श्रीमती वंदना वैद्य, प्रभारी निदेशक बीएमएचआरसी मनीषा श्रीवास्तव, जनजातीय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कन्या महाविद्यालय छात्रावास की छात्रायें और उनके अभिभावक भी मौजूद थे। कार्यक्रम के उपरांत राज्यपाल पटेल एवं मंत्री शाह ने कन्या महाविद्यालय छात्रावास का अवलोकन कर यहां छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
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