Police Action On Harda Blast: मध्य प्रदेश के बैरागढ़ पटाखा फैक्ट्री में हुए दिल दहला देने वाले हादसे ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। प्रशासन अलर्ट मोड है और सभी जगह विस्फोटक सामग्री के निर्माण और भंडारण करने वालों की जांच और उनके अवैध पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी में सागर जिले में भी बीते कुछ दिनों से मजिस्ट्रेट और सागर पुलिस अधीक्षक के सानिध्य में गठित टीम के द्वारा जिले के बड़े व्यापारियों की गोदाम और दुकानों के सभी जरूरी कानूनी कागजात और भंडारण में उपयुक्त नियमों के पालन की जांच लगातार की जा रही है।
आपको बता दें कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के पुलिस प्रमुख को भी नोटिस जारी किया। इसी के साथ-साथ आयोग ने एक बयान में कहा कि धमाके का असर फैक्टरी से कई किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया है। आयोग ने ये भी कहा कि एक कथित वीडियो में हादसे कि चपेट में आए लोगों के शव सड़कों और खेतों में बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने क्या कहा ?
इस कार्रवाई में अब तक शहर के 14 से ज्यादा व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जहां से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जैसे पटाखे जब्त करके वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। सागर पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि न केवल विस्फोटक सामग्री बल्कि अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने वालों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।
हरदा हादसा क्या है?
दरअसल हरदा में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट होने से भीषण आग लग गई। जिसके बाद से इलाके में तबाही जैसा माहौल दिखने लगा। इलाके में दूर-दूर तक अफरा तफरी और हाहाकार मच गया। गांव के लोगों ने बताया कि वहां भूकंप जैसा माहौल हो गया था। घटना के बाद मलबे को हटाया गया और एमपी सरकार ने इसपर सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।
घटना पर क्या बोले प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव?
प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर कहा कि वो हरदा की घटना में घायल हुए लोगों से मिले। इसी के साथ वह पहले ही भोपाल में (जहां कुछ घायल लोगों को इलाज के लिए ले जाय गया था) ज्यादातर घायल लोगों से मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा गठित टीम की सिफारिशों के आधार पर सरकार न केवल ठोस कदम उठाएगी, बल्कि (जिम्मेदार लोगों के खिलाफ) ऐसी कड़ी कार्रवाई भी करेगी कि लोग याद रखेंगे।