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MP की सियासत का केंद्र बना ग्वालियर-चंबल, प्रियंका गांधी के जरिए ताकत दिखाएगी कांग्रेस

Gwalior Chambal Politics: मध्य प्रदेश में साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पूरी तरह से एक्टिव नजर आ रहे हैं। वैसे तो प्रदेश के सभी अंचलों पर राजनीति दलों का फोकस है। लेकिन ग्वालियर-चंबल मध्य प्रदेश की सियासत का केंद्र बनता जा रहा है। जिससे यहां सियासी घमासान तेज […]

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Gwalior Chambal Politics: मध्य प्रदेश में साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पूरी तरह से एक्टिव नजर आ रहे हैं। वैसे तो प्रदेश के सभी अंचलों पर राजनीति दलों का फोकस है। लेकिन ग्वालियर-चंबल मध्य प्रदेश की सियासत का केंद्र बनता जा रहा है। जिससे यहां सियासी घमासान तेज हो गया है। सीएम शिवराज के लगातार चुनावी दौरे के साथ ही आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी ग्वालियर में बड़ी जनसभा को संबोधित कर चुके हैं, तो अब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी कांग्रेस को अंचल में मजबूती देने 21 जुलाई को ग्वालियर आ रही हैं।

प्रियंका की सभा में 1 लाख लोगों को जुटने का दावा

ग्वालियर चंबल में शिवराज और केजरीवाल के मेगा शो के बाद अब प्रियंका गांधी भी एक बड़ी सभा करने वाली है, कांग्रेस का दावा है कि प्रियंका गांधी की सभा में एक लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे। लेकिन इस सभा को सफल बनाने हुई बड़ी बैठक की अंदरखाने की तस्वीर ने सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है, दरअसल प्रियंका की सभा को लेकर बीती 7 जुलाई को ग्वालियर के कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस के दिग्गज नेता मौजूद थे।

इस दौरान कांग्रेस के पूर्व मंत्री और विधायक लाखन सिंह यादव ने नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ ही एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव शिव भाटिया की मौजूदगी में पार्टी को बीजेपी और आम आदमी पार्टी से सीख लेने की नसीहत दी है। वहीं डबरा से कांग्रेस विधायक सुरेश राजे ने भी लाखन सिंह की सीख से सहमति जताई।

बीजेपी कस रही तंज

कांग्रेस द्वारा बीजेपी और आप से सीख लेने वाली तस्वीर पर अब बीजेपी जमकर चुटकी ली रही है। शिवराज सरकार में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि नकल से भी कांग्रेस का कुछ नहीं होने वाला है, वही मंत्री ओपीएस भदौरिया ने प्रियंका की सभा में भीड़ जुटाने पर तंज कसते हुए कहा कि ग्वालियर चम्बल अंचल की परंपरा रही है, यहां मेहमानों का स्वागत किया जाता है। लेकिन चुनाव के वक्त ही जब इन्हें अंचल की याद आती है,तो ये दुर्भाग्य की बात है। जनता आज बहुत समझदार है। दिग्विजय सिंह सहित कांग्रेस के दिग्गज नेता आज भीड़ जुटाने मशक्कत कर रहे है, इससे साबित होता है कि अब कांग्रेस की 2023 में भी विदाई होने वाली है।

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कांग्रेस ने किया पलटवार

बीजेपी के तंज पर कांग्रेस भी बैकफुट से बयान दे रही है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी डरी और सहमी हुई है इसलिए बीजेपी स्तरहीन बातें कर रही है कांग्रेस के साथ पूरी जनता और जनमानस है आज भारतीय जनता पार्टी जनता का विश्वास खो चुकी है, आगामी 21 जुलाई को जो प्रियंका गांधी का दौरा होगा उसमें डेढ़ से 2 लाख लोग आएंगे, सभा में मौजूद भीड़ सरकारी बसों और सरकारी अधिकारी और पैसों से लाए हुए लोग नहीं होंगे, सभा को सुनने आने वाले लोग कांग्रेस को पसंद करने वाले होंगे।

21 जुलाई को है प्रियंका गांधी की सभा

बता दें कि कांग्रेस के लिए प्रियंका की 21 जुलाई को होने वाली सभा किसी शाख से कम नहीं है जिसके पीछे मुख्य वजह है कि, 2018 में कांग्रेस ने 34 में से 26 सींटें जीती थी। 2020 में सिंधिया की बगावत के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी, उप चुनाव के बाद ग्वालियर चंबल की 34 सीटों पर BJP और कांग्रेस 17- 17 पर काबिज हो गई है। 2023 में MP में सरकार बनाने में ग्वालियर चंबल की अहम भूमिका रहेगी, यही वजह है कि कांग्रेस और BJP दोनों ही ग्वालियर चंबल में जोर लगा रही है।

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ग्वालियर से कर्ण मिश्रा की रिपोर्ट

First published on: Jul 10, 2023 05:38 PM

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